बरेली: नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पर संकट
अमृत विचार, बरेली। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए शासन की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं लेकिन मुख्य रूप से बच्चों की शिक्षा के लिए जरूरी शिक्षक ही पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में छात्रों की संख्या तो पर्याप्त है लेकिन शिक्षकों की कमी …
अमृत विचार, बरेली। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए शासन की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं लेकिन मुख्य रूप से बच्चों की शिक्षा के लिए जरूरी शिक्षक ही पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में छात्रों की संख्या तो पर्याप्त है लेकिन शिक्षकों की कमी वर्षों से बनी हुई है। स्कूलों में मानक के अनुरूप शिक्षक ही नही हैं।
शिक्षकों के अभाव के चलते शिक्षामित्र व अनुदेशकों के सहारे स्कूली बच्चों का भविष्य संवारने का दावा किया जा रहा है। विभाग के ऐसे खोखले दावों की वजह से बच्चों के उज्जवल भविष्य पर भी ग्रहण लगता नजर आ रहा है। नगर क्षेत्र में कुल 109 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। इन स्कूलों में करीब 12 हजार से ज्यादा बच्चे पहली से आठवीं तक की शिक्षा ले रहे हैं, लेकिन विडंबना ही कहेंगे कि इतने बच्चों पर सिर्फ 165 शिक्षक ही तैनात हैं। इसके अलावा 43 शिक्षामित्र व 24 अनुदेशक हैं।
नगर के चुनिंदा स्कूलों की यह है स्थिति
मॉडल किशोर बाजार स्थित प्राथमिक स्कूल में करीब 400 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन इस स्कूल में सिर्फ तीन शिक्षक ही तैनात हैं। कोहाड़ापीर स्थित प्राथमिक स्कूल में एक अध्यापक के भरोसे 300 बच्चे शिक्षा पा रहे हैं। रहपुरा चौधरी के प्राथमिक स्कूल में 250 बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी भी एक ही शिक्षक के कंधों पर है। नगर के खड़उवा क्षेत्र के जूनियर हाईस्कूल में भी एक ही शिक्षक की तैनाती है। हरुनगला स्थित प्राथमिक स्कूल और नगर के लगभग सभी स्कूलों की स्थिति लगभग ऐसी ही है। काफी संख्या में ऐसे स्कूल भी हैं जिन्हें अटैच किया गया है। ऐसे स्कूलों में एक भी शिक्षक की तैनाती नहीं है।
तैनाती के यह हैं मानक
विभागीय जानकारी के मुताबिक प्राथमिक स्कूल में 30 बच्चों पर कम से कम एक शिक्षक और उच्च प्राथमिक स्कूल में 35 बच्चों पर एक शिक्षक की तैनाती होना जरूरी है। ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया हो सके, लेकिन नगर के स्कूलों में तैनात शिक्षकों की संख्या मानकों के अनुकूल नही हैं ।
विनय कुमार, बीएसए-
स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।
ये भी पढ़ें- बरेली पहुंचे जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, अग्निपथ योजना को बताया युवाओं के हित में, विपक्ष पर साधा निशाना
