कालाढूंगी: नैनीताल जा रहे पर्यटकों की कार पेड़ से टकराई, पांच घायल
कालाढूंगी, अमृत विचार। नैनीताल जा रहे यूपी के पर्यटकों की कार कालाढूगी-नैनीताल मोटर मार्ग पर दुर्घटनागस्त हो गई। दुर्घटना में पांच पर्यटक घायल हो गये, जिन्हें नैनीताल से आ रहे ब्लॉक प्रमुख रवि कन्याल अपने वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाये, जहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीन पर्यटकों को हल्द्वानी के लिए रेफर …
कालाढूंगी, अमृत विचार। नैनीताल जा रहे यूपी के पर्यटकों की कार कालाढूगी-नैनीताल मोटर मार्ग पर दुर्घटनागस्त हो गई। दुर्घटना में पांच पर्यटक घायल हो गये, जिन्हें नैनीताल से आ रहे ब्लॉक प्रमुख रवि कन्याल अपने वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाये, जहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीन पर्यटकों को हल्द्वानी के लिए रेफर कर दिया। सोमवार को चालक तरूण निवासी हापुड़ यूपी अपने परिवार और साड़ू भाई के परिवार के साथ नैनीताल घूमने के लिए जा रहे।
वहीं कालाढूंगी नगर से डेढ़ किलोमीटर दूर लाल मिट्टी के पास शाम 4:30 बजे उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें चालक तरूण की पत्नी मोनिका 36 पुत्री हेमा 12 और गुनगुन 17, साड़ू भाई मोनू 26 और साली पूजा 23 घायल हो गये। घायलों को राहगीरों ने कार से बाहर निकाला। वहां से जा रहे कोटाबाग के ब्लॉक प्रमुख रवि कन्याल ने रोड पर पड़े घायलों को देखा तो अपने वाहन से को सीचएचसी पहुंचाया, जहां हेमा और मोनिका का पांव फैक्चर व मोनू के सिर में अधिक चोट होने से उन्हें हल्द्वानी के लिए रेफर कर दिया। चालक तरूण ने बताया कि कार स्टेरियंग लॉक होने की वजह से कार पेड़ से जा टकराई, कार में पूजा के दो वर्ष का मासूम भी सवार था, गनीमत रही कि उसे कोई खरोंच भी नहीं आई।
ब्लॉक प्रमुख ने सीएचसी का उच्चीकरण करने की मांग की
कालाढूंगी। ब्लॉक प्रमुख रवि कन्याल ने सीएचसी का उच्चीकरण करने की मांग की है। सोमवार को हुयी दुर्घटना में पर्यटकों को बेहतर उपचार न मिलने पर उन्होंने कहा कि सीएचसी मात्र रेफर सेंटर बन कर रह गया है। कन्याल ने कहा कि वे घायलों को लेकर सीएचसी पहुंचे जहां पर स्टॉफ नहीं मिला तो सीएमओ से फोन पर बात की। इस पर स्टाफ तो आया पर बेहतर इलाज नहीं मिला। कन्याल ने कहा कि कई बार सरकार शासन को ज्ञापन देने के बाद भी अस्पताल का उच्चीकरण नहीं हुआ। 40 हजार आबादी वाले इस सीएचसी में कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। नैनीताल में घूमने आ रहे पर्यटकों की दुर्घटना होने पर बेहतर इलाज नहीं मिलता है।
