उत्तराखंड: आय से 500 गुना अधिक संपत्ति वाले IAS रामबिलास यादव के मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा शपथपत्र
नैनीताल, अमृत विचार। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपी अपर सचिव समाज कल्याण रामबिलास यादव की गिरफ्तारी पर रोक लगाने को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आइएएस यादव को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि वह जांच में सहयोग कर रहे …
नैनीताल, अमृत विचार। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपी अपर सचिव समाज कल्याण रामबिलास यादव की गिरफ्तारी पर रोक लगाने को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आइएएस यादव को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि वह जांच में सहयोग कर रहे थे। कोर्ट ने मामले में सरकार से 19 जुलाई तक शपथपत्र प्रस्तुत करने को कहा है। अगली सुनवाई 19 जुलाई को होगी।
गुरुवार को वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में आइएएस यादव की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर यादव बुधवार को देहरादून में विजिलेंस के समक्ष पेश हुए। उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि सरकार की तरफ से कहा गया है कि याचिकाकर्ता जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। विजिलेंस की बुधवार को हुई पूछताछ में किसी भी सवाल का सही उत्तर नहीं दे सके।
बताते चलें कि आईएएस रामबिलास यादव उत्तराखंड सरकार में समाज कल्याण विभाग में अपर सचिव के पद पर कार्यरत हैं। पूर्व में उत्तर प्रदेश सरकार में लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव तथा मंडी परिषद उत्तर प्रदेश के निदेशक भी रह चुके हैं। यादव के विरुद्ध लखनऊ में एक व्यक्ति ने आय से अधिक संपत्ति रखने की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके आधार पर उत्तराखंड सरकार ने जांच शुरू की। विजिलेंस टीम ने इनके लखनऊ, देहरादून और गाजीपुर ठिकानों पर छापा मारा जिसमें कई दस्तावेज मिले। जांच करने पर आय से 500 गुना अधिक संपत्ति मिली। इसके आधार पर सरकार ने मुकदमा दर्ज किया। बुधवार को ही शासन ने यादव को निलंबित भी कर दिया है।
