सीतापुर: अस्पताल में महिला की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, काटा हंगामा

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Edited By Amrit Vichar
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सीतापुर। जिले का महिला अस्पताल लगातार सुर्खियों में है। शनिवार को बच्चा बदलने के आरोप की जांच अभी पूरी नहीं हुई कि अस्पताल में भर्ती महिला की मौत के बाद परिवार ने जमकर हंगामा काट दिया। बवाल एक घण्टे तक चला। ऐसे में रविवार दोपहर पीड़ित पक्ष ने पुलिस को तहरीर दी। कुछ घण्टों बाद …

सीतापुर। जिले का महिला अस्पताल लगातार सुर्खियों में है। शनिवार को बच्चा बदलने के आरोप की जांच अभी पूरी नहीं हुई कि अस्पताल में भर्ती महिला की मौत के बाद परिवार ने जमकर हंगामा काट दिया। बवाल एक घण्टे तक चला। ऐसे में रविवार दोपहर पीड़ित पक्ष ने पुलिस को तहरीर दी। कुछ घण्टों बाद तहरीर अचानक वापस भी ले ली गई।

रविवार दोपहर होते-होते जिला महिला अस्पताल परिसर फिर हंगामे में तब्दील हो गया, इस बार एक महिला की मौत हो गई थी। इमलिया सुल्तानपुर इलाके से आए गांव के लोग हंगामा करने लगे। बवाल बढ़ता देख कोतवाली पुलिस को बुलाया गया। कोतवाली पुलिस के पहुंचने पर पति धर्मवीर ने बताया कि उसकी पत्नी शशिबाला एक दम ठीक-ठाक थी। अचानक वार्ड से कहला दिया गया कि शशिबाला ने दम तोड़ दिया। बताया कि दो दिन पूर्व महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उसी दिन महिला ने एक बच्चे ने जन्म दिया। परिजनों की मानें तो उस समय जच्चा और बच्चा दोनों ठीक थे।

रविवार सुबह तक दोनों की सेहत सही थी, लेकिन फिर अचानक मौत कैसे हो गई, उन लोगों को नहीं मालूम। परिजनों का आरोप था कि जब तबियत अधिक बिगड़ गई तो डाक्टरों से कहा जाता रहा कि चलकर देख लें, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी और इसी के कुछ देर बाद शशिबाला ने दम तोड़ दिया। परिजनों के इन्हीं दावों के बीच बवाल बढ़कर कोतवाली पहुंच गया, जहां पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर दी गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही के कारण महिला की जान चली गई, जांच कुछ घण्टों तक चल ही पाई थी कि अचानक पीड़ित पक्ष ने तहरीर वापस ले ली।

महिला की मौत के बारे में चिकित्सकों से ली जा रही जानकारीः सीएमएस

कुल प्रकरण को लेकर जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा कर्णवाल कहती हैं कि ये तो सच है कि दो दिनों से अस्पताल में भर्ती महिला शशिबाला की तबियत पूरी तरह से ठीक थी, अब अचानक क्या हो गया इसको लेकर मामले में चिकित्सकों से जानकारी ली जा रही है। बताती हैं कि फिलहाल महिला के शव को परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। नवजात को भी परिजन साथ लेकर चले गए हैं।

महिला के पति ने तहरीर दी थी, लेकिन बाद में वापस ले लीः कोतवाल

शहर कोतवाल टीपी सिंह का इस मामले में कहना है कि जिला महिला अस्पताल में हुई मौत को लेकर महिला के पति की ओर से लापरवाही का आरोप लगाकर तहरीर दी गई थी, बाद में उसने वापस भी ले ली है।

डीएनए किया गया सुरक्षित

एक दिन पहले बच्चा बदलकर मृत नवजात को थमा देने का मामला भी महिला अस्पताल से जुड़ा हुआ। इसमें रविवार को मृत शिशु का पोस्टमार्टम हुआ। बताते हैं कि मेडिकल परीक्षण के दौरान स्थितियां पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी। ऐसे में डीएनए सुरक्षित किया गया है।

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