देहरादून: बिजली विभाग ने तय समय सीमा के भीतर “Fault” नहीं किया दुरूस्त तो देना होगा मुआवजा
देहरादून, अमृत विचार। उपभोक्ता की शिकायत मिलने के बाद यदि बिजली विभाग त्वरित कार्रवाई करते हुए जारी नई समय सीमा के भीतर उस फाल्ट को ठीक नहीं करता तो उसे उपभोक्ता को मुआवजा देना होगा। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने सूचना जारी करते हुए बताया कि शहरी क्षेत्रों में चार घंटे, ग्रामीण क्षेत्रों में आठ …
देहरादून, अमृत विचार। उपभोक्ता की शिकायत मिलने के बाद यदि बिजली विभाग त्वरित कार्रवाई करते हुए जारी नई समय सीमा के भीतर उस फाल्ट को ठीक नहीं करता तो उसे उपभोक्ता को मुआवजा देना होगा।
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने सूचना जारी करते हुए बताया कि शहरी क्षेत्रों में चार घंटे, ग्रामीण क्षेत्रों में आठ घंटे, पर्वतीय क्षेत्रों में 12 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति सुचारु न करने पर किसी एक उपभोक्ता के मामले में 20 रुपये प्रति घंटा और पूरा मोहल्ला होने पर 10 रुपये प्रति उपभोक्ता प्रति घंटा देरी का मुआवजा दिया जाएगा। इसी प्रकार बिजली लाइन के टूटने पर भी उसे जोड़कर बिजली आपूर्ति सुचारु करने की समयसीमा तय कर दी गई है।
अब अगर आपके मोहल्ले में फ्यूज उड़ने की वजह से गुल हुई बिजली को यूपीसीएल ने चार घंटे के भीतर ठीक न किया तो इसके बाद हर घंटे के हिसाब से उस मोहल्ले के प्रभावित हर उपभोक्ता को दस रुपये मुआवजा मिलेगा। वहीं, वोल्टेज बढ़ने पर घर के एसी, टीवी, फ्रीज जैसे उपकरण फुंकने पर भी मुआवजे की राशि बढ़ाकर एक हजार से पांच हजार रुपये करने की तैयारी की जा रही है।
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के सदस्य तकनीकी एमके जैन ने बताया कि यूईआरसी स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस रेगुलेशन 2022 का ड्राफ्ट जारी किया गया है, जिस पर सभी हितधारक 11 जुलाई तक अपनी राय डाक, ई-मेल के माध्यम से दे सकते हैं। इसके अलावा 27 जुलाई की सुबह 11 बजे आयोग कार्यालय में जनसुनवाई में आकर भी सुझाव दे सकते हैं। सुझाव आने के बाद आयोग इस रेगुलेशन को लागू कर देगा।
ये होगा नया मुआवजा जिसे विभाग उपभोक्ता को अदा करेगा
पंखा, ब्लैक एंड व्हाइट टीवी, मिक्सर, ग्रिन्डर, टोस्टर आदि के फुंकने पर 1000 रुपये
43 इंच तक का कलर टीवी, सेमी ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन, 200 लीटर तक फ्रीज फुंकने पर 3000 रुपये
43 इंच से ऊपर का कलर टीवी, फुली ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन, कंप्यूटर, एसी, डिशवॉशर, चिमनी, 200 लीटर से ऊपर का फ्रीज फुंकने पर 5000 रुपये
पर्वतीय क्षेत्रों में 72 घंटे के भीतर ट्रांसफार्मर शुरू करना होगा
शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे, ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे और पर्वतीय क्षेत्रों में 72 घंटे के भीतर ट्रांसफार्मर शुरू करना होगा। ऐसा न करने पर अगर एक उपभोक्ता प्रभावित होगा तो उसे 20 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से मुआवजा देना होगा। अगर पूरी आबादी प्रभावित होगी तो वहां प्रत्येक उपभोक्ता को 10 रुपये प्रति घंटा देरी के हिसाब से मुआवजा मिलेगा। 33 केवी की बिजली लाइन में परेशानी होने पर भी यह प्रावधान किए गए हैं। साथ ही वोल्टेज कम होने या कम-ज्यादा होने पर उसे चार घंटे के भीतर अगर ठीक न की गई तो इसके बाद एकल उपभोक्ता को पांच रुपये प्रति घंटा और पूरी आबादी होने पर दो रुपये प्रति घंटा के हिसाब से मुआवजा देना होगा।
– मीटर खराबी की शिकायत पर 30 दिन के भीतर टेस्टिंग करनी होगी, जरूरी होने पर 15 दिन के भीतर रिप्लेस करना होगा। ऐसा न करने पर उपभोक्ता को यूपीसीएल की ओर से 50 रुपये प्रति दिन के हिसाब से मुआवजा मिलेगा।
– मीटर के खराब होने की शिकायत के लिए मुआवजा की राशि 100 रुपये रखी गई है। मीटर जलने पर छह घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति देनी होगी और तीन दिन के भीतर नया मीटर लगाना होगा। ऐसा न करने पर यूपीसीएल को 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से उपभोक्ता को मुआवजा अदा करना होगा।
कनेक्शन में नाम संबंधी शिकायत
बिजली कनेक्शन के मालिक का नाम बदलने और विधिक कारणों से कनेक्शन मालिक का नाम बदलने के लिए दो माह का समय तय किया गया है। इस अवधि में न करने पर यूपीसीएल को उपभोक्ता को 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा अदा करना होगा। आयोग ने बिलिंग, दोबारा कनेक्शन, कनेक्शन कटवाने की प्रक्रिया के लिए भी समयसीमा तय कर दी है।
