रामपुर: इजरायल की तर्ज पर होगी सब्जियों की खेती
रामपुर, अमृत विचार। इजरायल की तर्ज पर रामपुर में भी सब्जियों की खेती होगी। सब्जी उत्पादक किसानों को रोग मुक्त पौधे मिलेंगे। इससे किसानों का पैसा और समय दोनों बचेंगे। निरोग फसल होने से उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी होगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि लोगों को रसायनिक सब्जियों के खाने से मुक्ति मिल जाएगी …
रामपुर, अमृत विचार। इजरायल की तर्ज पर रामपुर में भी सब्जियों की खेती होगी। सब्जी उत्पादक किसानों को रोग मुक्त पौधे मिलेंगे। इससे किसानों का पैसा और समय दोनों बचेंगे। निरोग फसल होने से उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी होगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि लोगों को रसायनिक सब्जियों के खाने से मुक्ति मिल जाएगी और वह भी रसायनों के छिड़काव वाली सब्जियों के खाने से होने वाली बीमारियों से बच जाएंगे।
सब्जियों को तरह-तरह के रोग झुलसा देते हैं इसके अलावा रसायनों के छिड़काव वाली सब्जियों को खाए जाने से लोग तरह-तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। मधुमेह, ह्रदय रोग और चर्मरोग आम बात हो गए हैं। इसके अलावा सब्जियों को रोगों से बचाने के लिए महंगे रसायनों की खरीद और छिड़काव करने वाले मजदूरों को दी जाने वाली मजदूरी पर किसानों को काफी पैसा चुकाना पड़ता है। इसके बावजूद फसलों के रोगग्रस्त बनने का अंदेशा बना रहता है। लेकिन, इजराईल की तकनीक पर बनी हाईटेक नर्सरी किसानों को बहुत लाभ पहुंचाने वाली है इसको सेंट्रल ऑफ एक्सिलेंस बोला जाता है। इस तकनीक से पौधा तैयार किया जाता है और वह निरोग रहता है उसपर किसी प्रकार के रसायन के छिड़काव करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
मशीन से प्रो ट्रे में तैयार होगी सब्जियों की पौध
सब्जियों का पौध कोकोपिट, वर्मी कोलाइट, परलाइट के मिश्रण तैयार करके प्रो ट्रे में आटोमेटिक मशीन के माध्यम से पौधा तैयार होगा। सहायक उद्यान निरीक्षक ब्रजमणि गहलौत बताते हैं कि किसानों को रोग मुक्त पौधा मिलेगा। पौधे को कोई रेाग नहीं लगेगा जिससे, किसानों को आर्थिक लाभ होगा उन्हें रसायनों पर अनावश्यक पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा।
किसानों को इन सब्जियो की मिलेगी पौध
बैंगन, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, टमाटर, पत्ता गोभी, फूल गोभी, खीरा।
हाईटेक नर्सरी में करीब एक लाख पौध तैयार कराई जा रही है। इस प्रोजेक्ट का उद्यान मंत्री द्वारा उदघाटन कराए जाने की तैयारी है। राजकीय पौधशाला डूंगरपुर नवीन मंडी के निकट पौध तैयार कराई जा रही है।-ब्रजमणि गहलौत, प्रभारी राजकीय पौधशाला विसोरवाला
