बरेली: सुरक्षा ताक पर रख अवैध रूप से चल रहे 30 से ज्यादा स्वीमिंग पूल

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बरेली, अमृत विचार। आंवला क्षेत्र में बुधवार को अवैध स्वीमिंग पूल में डूबने से बच्चे की मौत का मामला प्रकाश में आने के बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी है। जिले में ऐसे कई अवैध स्वीमिंग पूल हैं, जो सुरक्षा मानकों को ताक पर रख कर लोगों की जान से खिलवाड़ कर मोटी कमाई कर रहे …

बरेली, अमृत विचार। आंवला क्षेत्र में बुधवार को अवैध स्वीमिंग पूल में डूबने से बच्चे की मौत का मामला प्रकाश में आने के बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी है। जिले में ऐसे कई अवैध स्वीमिंग पूल हैं, जो सुरक्षा मानकों को ताक पर रख कर लोगों की जान से खिलवाड़ कर मोटी कमाई कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि स्वीमिंगपूल के लिए आवश्यक प्रशिक्षक तथा फिलट्रेशन प्लांट लगाना जरूरी है, लेकिन जिन लोगाें ने स्वीमिंग पूल को कमाई का जरिया बनाया है उन्होंने किसी तरह के इंतजाम नहीं किए हैं।

इनमें से एक भी पूल संचालक ने जिला प्रशासन से अनुमति नहीं ली है। जबकि स्वीमिंग पूल में रोजाना लाखों क्यूसेक लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। जिला प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इस सीजन में अवैध पूलों में दो मौतें हो चुकी हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार स्वीमिंग पूल निर्माण करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों समेत अन्य विभागों की अनुमति लेनी आवश्यक होती है। गाइडलाइन के अनुसार ओलंपिक स्वीमिंग पूल की चौड़ाई 25 तो लंबाई 50 फीट होती है, जबकि सब स्टैंर्ड स्वीमिंग पूल की 12.5 फीट चौड़ाई और 25 फीट लंबाई होनी चाहिए। नियमों को दरकिनार कर कुछ लोगों ने मात्र व्यावसायिक रूप से गर्मी से निजात दिलाने और नहाने के लिए स्वीमिंग पूल का निर्माण कराया है। इनकी गहराई और लंबाई भी मानकों के विपरीत है।

50 रुपये घंटे में जान हथेली पर
जिले में अवैध रूप से चल रहे स्वीमिंग पूल में नियम जलसमाधि लिए हुए हैं। यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी क्षेत्र में कई युवक और बच्चों की जान जा चुकी है। शहर में 30 से अधिक स्वीमिंग पूल हैं, जिनका सरकारी विभाग के पास कोई लेखा-जोखा नहीं है। ये स्वीमिंग पूल एक व्यक्ति से 50 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से चार्ज लेते हैं। लोगों की जान से खिलवाड़ करते हैं। इन अवैध पूल में विशेष प्रशिक्षक होता है न ही लाइफ गार्ड।

ये हैं स्वीमिंग पूल के नियम
– स्वीमिंग पूल पर कोच व लाइफ गार्ड होना आवश्यक
– आक्सीजन सिलिंडर का होना आवश्यक
– इन-आउट रजिस्टर में पूरा रिकार्ड हो
– जीवन रक्षक उपकरण हों
– आग बुझाने वाले उपकरण हों
– स्वीमिंग के दौरान वर्जित क्षेत्र में न जाएं
– अप्रशिक्षित तैराक पुल में ड्राइव न लगाए
– 30 एमएम की रस्सी होनी चाहिए

शासन की ओर से जारी गाइडलाइन में खेल विभाग के पास किसी भी स्वीमिंग पूल के पंजीकरण व लेखा-जोखा की जानकारी रखना दर्ज नहीं है। फिलहाल हमारे पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।- जितेंद्र यादव, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी।

आंवला में हुई मासूम की मौत का मामला दुखद है। अवैध स्वीमिंगपूल में नियमों व सुरक्षा को ताक में रखना बेहतर खतरनाक है।-सुनील मित्तल, सचिव, जिला तैराकी संघ।

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