अल्मोड़ा: आपदा के जख्मों पर मरहम नहीं लगा सकी सरकार
अल्मोड़ा, अमृत विचार। पिछले साल आई आपदा ने अल्मोड़ा जिले को काफी जख्म दिए। अतिवृष्टि के बाद जिले में जमकर नुकसान हुआ। करोड़ों रुपये की परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचा। लेकिन नुकसान का आकलन भेजे जाने के बाद भी सरकार अब तक आपदा के जख्मों पर मरहम लगाने में नाकाम ही साबित हुई है। जबकि इस वर्ष …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। पिछले साल आई आपदा ने अल्मोड़ा जिले को काफी जख्म दिए। अतिवृष्टि के बाद जिले में जमकर नुकसान हुआ। करोड़ों रुपये की परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचा। लेकिन नुकसान का आकलन भेजे जाने के बाद भी सरकार अब तक आपदा के जख्मों पर मरहम लगाने में नाकाम ही साबित हुई है। जबकि इस वर्ष का मानसून काल भी शुरू हो चुका है।
बीते वर्ष अप्रैल से इस साल मार्च माह तक हुई बारिश से विभिन्न विभागों को खासा नुकसान पहुंचा। इसमें लोक निर्माण विभाग के अल्मोड़ा व रानीखेत स्थित चार खंडों में कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं। वहीं, शिक्षा विभाग को भी 4.71 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा। कई खस्ताहाल स्कूलों के कमरे क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, सुरक्षा दीवारों को भी नुकसान पहुंचा।
क्षति के आगणन के सापेक्ष अब तक विभाग को 3.53 करोड़ की ही धनराश अवमुक्त हुई है। वहीं 1.18 करोड़ की धनराशि और अवमुक्त होनी है। धनराशि अवमुक्त नहीं होने से कार्य समय से पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं। इसके साथ ही सिंचाई खंड रानीखेत, पीएमजीएसवाइ अल्मोड़ा, निर्माण खंड भिकियासैंण, सिंचाई खंड अल्मोड़ा, जिला पंचायत अल्मोड़ा, लघु डाल व लघु सिंचाई खंड अल्मोड़ा, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय हवालबाग, लमगड़ा, चौखुटिया व धौलादेवी अंतर्गत स्थित विद्यालयों को नुकसान पहुंचा था। पिछले आपदा काल में ऊर्जा निगम को 75 लाख की क्षति पहुंची।
कई ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए थे। कई बिजली पोलों को भी नुकसान पहुंचा था। नगरपालिका अल्मोड़ा के 13 वार्डों में करीब 2.73 करोड़ का नुकसान हुआ था। इसके सापेक्ष पालिका को मात्र 43 लाख की ही धनराशि अवमुक्त हुई। 2.30 करोड़ की धनराशि अब तक अवमुक्त नहीं होने से तमाम वार्डों में क्षतिग्रस्त रास्ते सुधारीकरण की बाट जोह रहे हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी ने कहा है कि एक ओर विगत वर्ष हुई आपदा की भरपाई नहीं हो पाई है।
वहीं, अब इस बार का मानसून काल सामने है। ऐसे में मानसून काल के दौरान और अधिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है। उनका कहना है कि सरकार को समय से आपदा से हुए नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। ताकि आम आदमी को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
