पिथौरागढ़: चार महीने में जवाब दे गई लाखों की सुरक्षा दीवार, बीआरओ की कार्यशैली पर उठे सवाल

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पिथौरागढ़, अमृत विचार। जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर बनी लाखों की सुरक्षा दीवार महज चार माह में जवाब दे गई है। हल्की बारिश में सुरक्षा दीवार ढह गई, जिससे सड़क को खतरा पैदा हो गया है। वहीं, सुरक्षा दीवार गिरने से बीआरओ की कार्यशैली पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क हिमनगरी के साथ …

पिथौरागढ़, अमृत विचार। जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर बनी लाखों की सुरक्षा दीवार महज चार माह में जवाब दे गई है। हल्की बारिश में सुरक्षा दीवार ढह गई, जिससे सड़क को खतरा पैदा हो गया है। वहीं, सुरक्षा दीवार गिरने से बीआरओ की कार्यशैली पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क हिमनगरी के साथ ही भारत-चीन सीमा पर स्थित सेना की चौकियों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क है। चार माह पूर्व बीआरओ ने मदकोट के पास पांच लाख से अधिक की लागत से सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया था। लेकिन बीते रविवार रात हल्की बारिश में यह दीवार ढह गई, जिससे सड़क को खतरा हो गया है। सड़क पर दरारें पड़ गई हैं, जो भारी बारिश में कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकती है। अगर सड़क गिरी तो मुनस्यारी के साथ ही भारत-चीन सीमा तक आवाजाही ठप हो जाएगी, जो चिंता का विषय है। महज चार माह में लाखों की सुरक्षा दीवार ढहने से बीआरओ की कार्यशैली पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। वहीं, मामले में बीआरओ के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

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