हल्द्वानी: पेयजल संकट से निटपने की तैयारी, सात दिन में तैयार होगा क्लेरीफायर सिस्टम प्रोजेक्ट का प्रस्ताव
हल्द्वानी, अमृत विचार। शीतलाहाट क्षेत्र के लोगों को अगले वर्ष से पेयजल संकट की दुश्वारियों से जूझना नहीं पड़ेगा। अमृत विचार में समाचार छपने के बाद जल संस्थान ने अनुमानित एक करोड़ बजट के क्लेरीफायर यूनिट प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि एक सप्ताह के …
हल्द्वानी, अमृत विचार। शीतलाहाट क्षेत्र के लोगों को अगले वर्ष से पेयजल संकट की दुश्वारियों से जूझना नहीं पड़ेगा। अमृत विचार में समाचार छपने के बाद जल संस्थान ने अनुमानित एक करोड़ बजट के क्लेरीफायर यूनिट प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर प्रोजेक्ट का इस्टीमेट तैयार कर लिया जाएगा। उसके बाद उसको स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
बरसात के दिनों में पानी का संकट सबसे ज्यादा शीतलाहाट के लोगों को झेलना पड़ता है। इस क्षेत्र में 30 हजार से ज्यादा की आबादी निवास करती है। गौला नदी के पानी पर ही निर्भर हैं। यह पानी प्लांट से ही उनको सप्लाई किया जाता है, लेकिन बेहद गंदा पानी होने की स्थिति में फिल्टर प्लांट विफल साबित हो जाता है। इस स्थिति में इस क्षेत्र में पानी की सप्लाई प्रभावित हो जाती है।
पिछले दस से बारह दिनों से शीतलाहाट के लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। साठ साल पुराने फिल्टर प्लांट में क्लेरीफायर यूनिट नहीं होने से गौला में आई सिल्ट के पानी की मिट्टी को साफ नहीं किया जा सकता है। इसलिए अब इस यूनिट के लिए जल संस्थान ने प्रोजेक्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। मंगलवार के अंक में अमृत विचार ने (क्लेरीफायर यूनिट नहीं होने से पेयजल संकट से जूझ रहे शीतलाहाट के लोग) शीर्षक के साथ शीतलाहाट क्षेत्र की स्थिति सामने लाने का प्रयास किया गया था। जल संस्थान अधिकारियों ने अब इसको लेकर कार्रवाई में तेजी लाना शुरू कर दी है।
क्लेरीफायर यूनिट के लिए एक करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। सात दिन में इसको पूरा करने का प्रयास है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सब कुछ ठीक रहा तो अगली साल की बारिश में यह दिक्कत नहीं होगी। – एसके श्रीवास्तव, ईई, जल संस्थान
