डिजिटल साक्षरता
तकनीकि का सही इस्तेमाल पूरी मानवता के लिए कितना क्रांतिकारी है, इसका उदाहरण भारत ने डिजिटल इंडिया अभियान के तौर पर पूरे विश्व के सामने रखा है। सरकार की ओर से प्रचारित ज्यादातर उपलब्धियों के केंद्र में ‘डिजिटल इंडिया’ है। आधिकारिक तौर पर डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत जुलाई 2015 में हुई थी। हर साल …
तकनीकि का सही इस्तेमाल पूरी मानवता के लिए कितना क्रांतिकारी है, इसका उदाहरण भारत ने डिजिटल इंडिया अभियान के तौर पर पूरे विश्व के सामने रखा है। सरकार की ओर से प्रचारित ज्यादातर उपलब्धियों के केंद्र में ‘डिजिटल इंडिया’ है। आधिकारिक तौर पर डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत जुलाई 2015 में हुई थी। हर साल डिजिटल इंडिया अभियान में नए आयाम जुड़े हैं, नई तकनीक का समावेश हुआ है। चूंकि जो देश आधुनिक तकनीकि को नहीं अपनाता, समय से पिछड़ जाता है और वो वहीं का वहीं रह जाता है।
तीसरी औद्योगिक क्रांति के समय भारत इसका भुक्तभोगी रहा है। लेकिन आज भारत चौथी औद्योगिक क्रांति, इंडस्ट्री 4.0, में दुनिया को दिशा दे रहा है। पिछले 7-8 सालों में डिजिटल इंडिया ने हमारा जीवन आसान बना दिया है। जन्म प्रमाण पत्र से लेकर वरिष्ठ नागरिक की पहचान देने वाले जीवन प्रमाण पत्र तक, सरकार की अधिकतर सेवाएं डिजिटल हैं वरना पहले वरिष्ठ नागरिकों को खास करके पेंशनर्स को स्वयं उपस्थित होकर बताना पड़ता था कि मैं जिंदा हूं।
जिन कामों के लिए कभी कई-कई दिन लग जाते थे वो आज कुछ पलों में हो जाते हैं। गांधीनगर में चल रहे डिजिटल इंडिया वीक-2022 का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अगले तीन-चार साल में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग को 300 बिलियन डॉलर से भी ऊपर ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। यानि मेक इन इंडिया की शक्ति और डिजिटल इंडिया की ताकत की डबल डोज, भारत में इंडस्ट्री 4.0 को नई ऊंचाई पर ले जाने वाली है। क्योंकि भारत अब ‘चिप टेकर’ की छवि से निकलकर ‘चिप मेकर’ बनने की दिशा में अग्रसर है।
डिजिटल इंडिया अभियान ने जो एक बहुत बड़ा काम किया है, वो है शहर और गांवों को बीच की खाई को कम करना। डिजिटल इंडिया अभियान ने देश में बड़ी संख्या में रोज़गार और स्वरोज़गार के अवसर भी बनाए हैं। याद रहे डिजिटल इंडिया ने कोरोना महामारी से मुकाबला करने में भारत की बहुत मदद की। डिजिटल इंडिया से आई पारदर्शिता ने हर गरीब और मध्यम वर्ग को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाई है।
भारतीय उद्योग के पास मेक इन इंडिया की शक्ति और डिजिटल इंडिया की ताकत है। गर्व की बात है कि आज डिजिटल गवर्नेंस का एक बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर भारत में है। उम्मीद है कि डिजिटिल इंडिया भविष्य में भी भारत की नई अर्थव्यवस्था का ठोस आधार बने। इसके बावजूद डिजिटल निरक्षरता एक बड़ी समस्या है। डिजिटल साक्षरता और वित्तीय साक्षरता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी मूलभूत साक्षरता। इसके लिए नागरिकों का जागरुक होना जरूरी है।
