अयोध्या: देवी-देवताओं के नाम दर्ज एक बीघा जमीन 5 लाख में बेच दी

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अयोध्या। अयोध्या जनपद के सोहावल तहसील क्षेत्र के लहरापुर गांव में भगवान नरबदेश्वर, शंकर, पार्वती और गणेश के नाम दर्ज एक बीघा भूमि बेचे जाने का मामला सामने आया है। यह कारनामा किसी और ने नहीं बल्कि भूमि के दो सर्वहराकार में से एक ने कर दिखाया है, जबकि भगवान के नाम दर्ज जमीन बेची …

अयोध्या। अयोध्या जनपद के सोहावल तहसील क्षेत्र के लहरापुर गांव में भगवान नरबदेश्वर, शंकर, पार्वती और गणेश के नाम दर्ज एक बीघा भूमि बेचे जाने का मामला सामने आया है। यह कारनामा किसी और ने नहीं बल्कि भूमि के दो सर्वहराकार में से एक ने कर दिखाया है, जबकि भगवान के नाम दर्ज जमीन बेची नहीं जा सकती है।

भू-माफिया के इस खेल में तहसील प्रशासन के भी हाथ रंगे नजर आ रहे हैं, जिसने मूल खतौनी के परीक्षण के बिना ही क्रेता के पक्ष में दाखिल खारिज कर दिया। अब जब मामला खुला तो एसडीएम से लेकर तहसीलदार तक अपनी-अपनी गर्दन बचाते नजर आ रहे हैं। इस पूरे खेल में गंभीर बात यह है कि देवी-देवताओं के नाम की भूमि जिसे बेची गई वह दूसरे समुदाय का है।

इसका खुलासा तब हुआ जब चंद दिनों पहले खरीदार ने खरीदी गई भूमि पर चहारदीवारी का निर्माण शुरू कराया। ग्रामीण चौंके कि भगवान के नाम दर्ज भूमि पर यह निर्माण कैसे हो रहा है। अब इसे लेकर भाजपा नेता हरजीत सिंह मिंटू ने पूरे प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री से की है।

तो ऐसे बेची गई देवी-देवताओं के नाम दर्ज भूमि

लहरापुर की खाता संख्या 231 की गाटा संख्या 251 रकबा 0.7710 हेक्टेयर भूमि भगवान नारबदेश्वर शंकर, पार्वती और गणेश जी महाराज के नाम दर्ज और आरक्षित है। गांव निवासी दो भाई अरविंद कुमार व सरजू प्रसाद बेटा इंद्र बहादुर इसके सर्वहराकार है। इनमें से ही सरजू प्रसाद ने 0.101 हेक्टेयर यानि एक बीघा भूमि अपनी बताकर गांव के ही इरफान नामक व्यक्ति के हाथ कूट रचना कर बेंच दी, जिसका उन्हें अधिकार नहीं था।

दिसंबर 21 में पांच लाख रुपये में भूमि की लिखा पढ़ी की गई। गंभीर बात है कि इस बिक्री नामे के साथ तहसीलदार ने बिना जांच पड़ताल किए आनन-फानन में दाखिल खारिज भी कर दिया। पूरे मामले में तहसील के जिम्मेदारों की भूमिका संदेहास्पद मानी जा रही है। अब इसे लेकर गांव में लोगों का आक्रोश चरम पर है।

बोले उप निबंधक

उपनिबंधक सोहावल राहुल सिंह का कहना है कि मूल नकल कूट रचना कर बनाई और लगाई गई होगी। इसीलिए रजिस्ट्री हो गई। उन्होंने बताया कि देवी देवता नाबालिग होते है। सर्वहराकार को इनकी भूमि को बैनामे का अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि केवल देखरेख व किरायेदारी तक किसी को दे सकता है। उन्होंने कहा प्रकरण दिखवा कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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