गोंडा: नहीं हुआ बेटा तो पति ने चार बेटियों समेत पत्नी को घर से निकाला, रचाई दूसरी, न्याय के लिये भटक रही पीड़िता

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गोंडा/धानेपुर। जिले के धानेपुर इलाके में सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जिसमें बेटा न होने पर एक पति ने अपनी चार बेटियों समेत पत्नी को घर से निकाल दिया। यहीं नहीं आरोपी पति ने एक दूसरी युवती से शादी भी रचा ली। पति के इस कारनामे में महिला के सास-ससुर …

गोंडा/धानेपुर। जिले के धानेपुर इलाके में सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जिसमें बेटा न होने पर एक पति ने अपनी चार बेटियों समेत पत्नी को घर से निकाल दिया। यहीं नहीं आरोपी पति ने एक दूसरी युवती से शादी भी रचा ली। पति के इस कारनामे में महिला के सास-ससुर ने भी पूरा सहयोग किया। अब महिला अपने बेटियों के साथ पिछले 20 दिन से थाने का चक्कर लगा रही है लेकिन पुलिस उसकी सुनवाई नहीं कर रही है। महिला के पति के इस कारनामें और पुलिस के व्यवहार ने प्रदेश की योगी सरकार के महिला सशक्तीकरण के दावे पर सवाल खड़ा कर दिया है।

धानेपुर थाना क्षेत्र के जैनपुरवा गांव की रहने वाली

कामिनी चौहान के मुताबिक करीब 18 वर्ष पहले उसकी शादी सूबेदार चौहान के साथ हुई थी। कामिनी की चार बेटियां क्रमशः पूजा (15) अन्नू (10) मन्नू (7) व चांदनी (5) हैं लेकिन उसे बेटा नहीं है। कामिनी का आरोप है कि बेटा न होने के कारण अक्सर उसका पति व सास श्वसुर उसे ताना मारते हैं और उसके साथ मारपीट करते हैं। सबकुछ सहकर भी वह किसी तरह से अपना गुजर बसर कर रही है।

एक साल पहले पति ने मारपीट कर उसे घर से बाग निकाल दिया था। जब वह इसकी शिकायत लेकर पुलिस के पास गई तो पुलिस ने सादे कागज पर उसका दस्तखत कराकर दोनों के बीच सुलह समझौता करा दिया था। कुछ दिन तक सबकुछ ठीक रहा लेकिन उसके बाद उसका पति फिर से मारपीट करने लगा।

करीब एक महीना पहले उसके पति ने एक अन्य युवती के साथ दूसरी शादी रचा ली और पिछले 20 जून को मारपीट कर उसे चारों बेटियों समेत घर से निकाल दिया। इसकी शिकायत लेकर जब वह थाने पर गई तो पुलिस ने उसकी शिकायत सुनने के बजाय उसे थाने से भगा दिया। अब वह अपनी तीन मासूम बेटियों के साथ थाने का चक्कर काट रही है।

शनिवार को थाने के गेट पर अपनी बेटियों के साथ बैठी कामिनी से जब थाने पर आने का कारण पूछा गया तो उसने आपबीती बताते हुए कहा कि पुलिस उसकी शिकायत नहीं सुन रही है। परेशान होकर उसने एसपी को शिकायती पत्र भेजा था। इसी सिलसिले में पुलिसकर्मियों ने उसे थाने पर बुलाया है।

बेटियों की छूटी पढ़ाई

गोंडा। घर से निकाले जाने के बाद कामिनी के बेटियों की पढ़ाई भी छूट गई है। कामिनी की चारों बेटियां गांव के सरकारी स्कूल में पढाई कर रही थी लेकिन इस विवाद ने उनकी पढ़ाई पर ग्रहण लगा दिया है। इसी विवाद के चलते बड़ी बेटी पूजा पढ़ाई छोड़ चुकी है जबकि अन्नू, मन्नू व चांदनी का नाम स्कूल से काट दिया गया। मन्नू ने बताया कि वह प्राथमिक विद्यालय बंजरिया में कक्षा तीन में पढ़ रही थी लेकिन स्कूल के शिक्षक ने उसका नाम काट दिया।

महिला हेल्प डेस्क की भूमिका पर सवाल

प्रदेश की योगी सरकार ने महिलाओं से संबंधित मामलों के निस्तारण के लिए थानों में अलग से हेल्प डेस्क काउंटर स्थापित कराया है। इस हेल्प डेस्क पर महिला सिपाहियों की तैनाती रहती है ताकि अपनी समस्या लेकर आने वाली महिलाएं बेहिचक अपनी बात कह सकें। लेकिन यह हेल्प डेस्क काउंटर फिसड्डी साबित हो रहे हैं। पीड़िता कामिनी चौहान का कहना है कि वह धानेपुर थाने में बने हेल्प डेस्क पर भी गई थी और अपनी समस्या बताई लेकिन यहां भी उसकी फरियाद नहीं सुनी गई। ऐसे में थानों पर स्थापित महिला हेल्प डेस्क की भूमिका पर सवाल खड़ा हो रहा है।

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