संवेदनहीनता का मामला: हल्द्वानी महिला अस्पताल में कईयों पर गिर सकती है गाज, जांच करने पहुंची स्वास्थ्य निदेशक
हल्द्वानी, अमृत विचार। महिला अस्पताल गेट पर डिलीवरी मामले में अस्पताल स्टाफ पर तलवार लटक गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मामला संज्ञान में लेने के बाद स्वास्थ्य अधिकारी हरकत में आए। कुमाऊं स्वास्थ्य निदेशक डॉ. तारा आर्य के नेतृत्व में रविवार को जांच की गई। देर शाम तक चली जांच पड़ताल …
हल्द्वानी, अमृत विचार। महिला अस्पताल गेट पर डिलीवरी मामले में अस्पताल स्टाफ पर तलवार लटक गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मामला संज्ञान में लेने के बाद स्वास्थ्य अधिकारी हरकत में आए। कुमाऊं स्वास्थ्य निदेशक डॉ. तारा आर्य के नेतृत्व में रविवार को जांच की गई। देर शाम तक चली जांच पड़ताल के बाद रिपोर्ट महानिदेशालय भेज दी गई। इस मामले में अस्पताल के उच्चाधिकारियों से लेकर रात्रि स्टाफ तक पर गाज गिर सकती है।

गौरतलब है कि ऊधम सिंह नगर के खटीमा के बरिअंजनिया गांव के रहने वाले मनोज कुमार की पत्नी प्रीति को महिला अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया था। सुबह तड़के चार बजे महिला ने अस्पताल के गेट पर ही बेटे को जन्म दिया था। इस मामले से सीएमएस बेखबर रहीं तो रात्रि स्टाफ की संवेदनहीनता सामने आई थी। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर इस मामले में कुमाऊं स्वास्थ्य निदेशक डॉ. तारा आर्य को जांच सौंपी गई।

डॉ. तारा आर्य के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम रविवार को महिला अस्पताल पहुंची। पीड़ित परिवार से बात की गई और फिर जांच पड़ताल भी हुई। इस मामले में देर शाम तक जांच पड़ताल जारी रही। इस दौरान सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी, एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत, सीएमएस डॉ. ऊषा जंगपांगी भी मौजूद रहीं। सीएमओ ने बताया कि जांच पूरी कर ली गई है, रिपोर्ट महानिदेशालय भेजी गई है। वहां के निर्देश के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
