अयोध्या: कांवड़ यात्रा व झूलनोत्सव पर ड्रोन से रखी जाएगी नजर, सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम
अयोध्या। सावन मास में भगवान शिव की आराधना का अलग ही महत्व है। रामनगरी में भी सावन महीने में लाखों कांवड़िये अयोध्या पहुंचते हैं। सरयू का जल लेकर नागेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद बस्ती के भदेश्वरनाथ व अंबेडकरनगर के शिव बाबा धाम के लिए रवाना होंगे। कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालु डीजे …
अयोध्या। सावन मास में भगवान शिव की आराधना का अलग ही महत्व है। रामनगरी में भी सावन महीने में लाखों कांवड़िये अयोध्या पहुंचते हैं। सरयू का जल लेकर नागेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद बस्ती के भदेश्वरनाथ व अंबेडकरनगर के शिव बाबा धाम के लिए रवाना होंगे। कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालु डीजे की धुन पर नाचते-थिरकते हुए जत्थों में पहुंचते हैं। इसी के साथ ही अयोध्या में सावन झूला मेले का भी आगाज हो जाएगा। यात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींचना शुरू कर दिया है। इस बार ड्रोन से भी नजर रखी जाएगी।
सावन मास की शुरुआत 14 जुलाई से हो रही है। इसके बाद अयोध्या में भी उत्सव प्रारंभ हो जाएगा। अयोध्या में झूलनोत्सव की शुरुआत सावन शुक्ल पक्ष तृतीया से शुरू होगी। उसके पहले मणिपर्वत, कनक भवन, जानकी महल, राम बल्लभा कुंज, राज गोपाल, सहित सैकड़ों मंदिरों में उत्सव को मनाए जाने की तैयारी की जा रही है। सावन माह में भगवान को झूला झुलाए जाने की परंपरा है, जिसके लिए मंदिरों के गर्भगृह में लकड़ी व सोने चांदी से बने झूले पर भगवान विराजमान होंगे। हर तरफ केसरिया रंग ही दिखाई देगा। वहीं इस यात्रा को लेकर शासन का प्रशासन विशेष सुरक्षा का जाल तैयार कर रही है सरयू घाट से लेकर शिव मंदिर तट विशेष सुरक्षा में लगाई जाएंगी।
कांवड़ यात्रा को देखते हुए सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त किए गए हैं। यात्रा व झूलनोत्सव की निगरानी सीसीटीवी कैमरे व ड्रोन कैमरे से कराई जाएगी। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट, पैरामिलिट्री फोर्स, हाइवे पर 24 घंटे निगरानी व बैरिकेडिंग की भी व्यवस्था रहेगी। कई चौराहें पर चिकित्सा शिविर भी लगेंगे।
