लखनऊ : अधिकारी से लेकर मंत्री तक के चक्कर काट चुके हैं अशोक कुमार, दिव्यांग डाक्टर ने डिप्टी सीएम से मिलकर सुनाई अपनी कहानी
लखनऊ, अमृत विचार । डॉ.अशोक कुमार रोडियोलॉजिस्ट हैं, उनका परिवार हापुड़ में रहता है,वह पैर से दिव्यांग हैं,वह अपना स्थानान्तरण हापुड़ में चाहते थे,बताया जा रहा है कि हापुड़ के जिला संयुक्त चिकित्सालय में कोई रेडियोलॉजिस्ट है भी नहीं, वहां के अस्पताल प्रशासन ने शासन से एक रेडियोलॉजिस्ट की मांग भी की थी,लेकिन उनकी कोई …
लखनऊ, अमृत विचार । डॉ.अशोक कुमार रोडियोलॉजिस्ट हैं, उनका परिवार हापुड़ में रहता है,वह पैर से दिव्यांग हैं,वह अपना स्थानान्तरण हापुड़ में चाहते थे,बताया जा रहा है कि हापुड़ के जिला संयुक्त चिकित्सालय में कोई रेडियोलॉजिस्ट है भी नहीं, वहां के अस्पताल प्रशासन ने शासन से एक रेडियोलॉजिस्ट की मांग भी की थी,लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। जबकि वह 85 प्रतिशत दिव्यांग की श्रेणी में आते हैं, ऐसे चिकित्सकों के लिए स्थानान्तरण नीति तय है।
डॉ.अशोक कुमार बीते लंबे समय से अपने स्थानान्तरण के लिए मंत्री से लेकर विभाग के अपर मुख्य सचिव तक से गुहार लगा चुके हैं, इसके बाद भी उनका स्थानान्तरण नहीं किया गया और जब हुआ तब ऐसी जगह कर दिया गया,जहां उनकी जरूरत ही नहीं। वहां पहले से रेडियोलॉजिस्ट मौजूद हैं। आज एक बार फिर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई है।
उप मुख्यमंत्री से उन्होंने बताया कि इस बार स्थानान्तरण के लिए अप्लाई किया था, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि पोलियों ग्रसित होने के कारण दोनों पैरों से दिव्यांग हूं, उन्होंने बताया कि बुलंदशहर में तैनाती होने की वजह से अकेले आने जाने में दिक्कत होती है। इस बार स्थानान्तरण के दौरान भी नियमों को दरकिनार कर उनकी सुनवाई जानबूझ कर नहीं की गयी।
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