देहरादून: कर्मचारियों का ईपीएफ जमा न कराने पर एक हजार से अधिक कंपनियों को नोटिस

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देहरादून, अमृत विचार। अपने कर्मचारियों का ईपीएफ यानि कर्मचारियों का भविष्य निधि का अंशदान जमा न कराने पर केंद्र और राज्य सरकार के विभागों समेत हजार से भी अधिक कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है। क्षेत्रीय ईपीएफओ आयुक्त ने केंद्र और राज्य सरकार के सैकड़ों सरकारी विभागों समेत एक हजार से अधिक कंपनियों को …

देहरादून, अमृत विचार। अपने कर्मचारियों का ईपीएफ यानि कर्मचारियों का भविष्य निधि का अंशदान जमा न कराने पर केंद्र और राज्य सरकार के विभागों समेत हजार से भी अधिक कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है। क्षेत्रीय ईपीएफओ आयुक्त ने केंद्र और राज्य सरकार के सैकड़ों सरकारी विभागों समेत एक हजार से अधिक कंपनियों को नोटिस जारी किया है।

इन बड़े विभागों में इंदिरा गांधी नेशनल फारेस्ट एकेडमी, एलआईसी, देहरादून कैंट बोर्ड, आईटीबीपी, उत्तराखंड सचिवालय, कृषि निदेशालय, उद्योग निदेशालय, जिलाधिकारी कार्यालय, शिक्षा विभाग, मत्स्य निदेशालय, नगर निगम, एमडीडीए, सिंचाई विभाग, जलनिगम, यूजेवीएनएल, यूपीसीएल, वन विभाग, परिवहन निगम आदि शामिल हैं। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त विश्वजीत सागर ने बताया कि सरकारी विभागों और कंपनियों को नोटिस जारी कर एक निश्चित फॉर्मेट में कर्मचारियों का ब्योरा मांगा है।

इसमें कर्मचारियों की संख्या, ईपीएफ अंशदान जमा नहीं कराने को लेकर जानकारियां देनी होंगी। उन्होंने बताया कि सर्वे ऑफ इंडिया जैसे कई सरकारी विभागों ने नोटिस के जवाब में इन जानकारियों को उपलब्ध करा दिया है। आयुक्त की ओर से नोटिस भेजे जाने के बाद तमाम सरकारी, गैर सरकारी और एनजीओ कर्मचारी प्रदाता कंपनियों के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

इन बैंकों और निजी कंपनियों को नोटिस
इलाहाबाद बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, ओबेराय मोटर्स, रिलायंस जियो, ब्रिज एंड रूफ कंपनी, हरिद्वार नेचुरल गैस लिमिटेड, श्री सीमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट आदि।

केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न सरकारी विभागों में संविदा कर्मियों, दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के ईपीएफ में कटौती के साथ ही उसे ईपीएफओ में नहीं जमा कराया जा रहा है। ऐसे में प्रिंसिपल एंपलॉयर की जिम्मेदारी बनती है कि वह जिस कंपनी के जरिये कर्मचारियों की नियुक्ति कराते हैं, उसके जरिये ना सिर्फ ईपीएफ जमा कराएं बल्कि इसकी जानकारी भी दें। इसीलिए तमाम सरकारी विभागों के साथ ही कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है।
-विश्वजीत सागर, आयुक्त, क्षेत्रीय भविष्य निधि संगठन

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