नैनीताल: राजमहल कंपाउंड में अंसारी बिल्डिंग ध्वस्त होगी
नैनीताल, अमृत विचार। जिला विकास प्राधिकरण की नाक के नीचे ही अवैध निर्माण खड़े कर दिये गए और अब उन्हें हटाने के लिए विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। मंगलवार को जिला विकास प्राधिकरण की टीम राजमहल कंपाउंड में अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के लिए गई। इस मौके पर भवन …
नैनीताल, अमृत विचार। जिला विकास प्राधिकरण की नाक के नीचे ही अवैध निर्माण खड़े कर दिये गए और अब उन्हें हटाने के लिए विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
मंगलवार को जिला विकास प्राधिकरण की टीम राजमहल कंपाउंड में अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के लिए गई। इस मौके पर भवन स्वामी ने विभागीय अधिकारियों पर ही घूसखोरी कर निर्माण कार्य कराने के आरोप लगाए। मालूम हो कि लंबे समय से नगर में हाईकोर्ट की रोक के बावजूद धड़ल्ले से अवैध निर्माण किए जा रहे हैं।
अब कुछ अवैध निर्माणों पर विभाग द्वारा खानापूर्ति के तौर पर कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में टीम राजमहल कंपाउंड में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए गई। सचिव ने बताया कि क्षेत्र में अवैध तरीके से निर्माण कार्य पर रोक लगाने को लेकर सात लोगों को पूर्व में नोटिस दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्यों पर रोक नहीं लगाई जा रही है। इस मौके पर टीम और भवन स्वामी के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
पंकज उपाध्याय ने बताया कि रईस अंसारी ने राजमहल कंपाउंड में अवैध रूप से चार मंजिला भवन का निर्माण कराया गया है। बिजली विभाग व जल संस्थान को पानी व बिजली का कनेक्शन हटाने को कहा गया है और भवन स्वामी को तीन दिन के भीतर भवन खाली करने के निर्देश दिए हैं। तीन दिन बाद अंसारी भवन का चौथा फ्लोर शुक्रवार को ध्वस्त किया जाएगा।
बताया कि अन्य लोगों को भी फिर से नोटिस भेजे जा रहे हैं। वहीं भवन स्वामी रईस अंसारी ने प्राधिकरण के सहायक अभियंता पर खुलेआम निर्माण कार्य के बदले में घूस लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी पहले खुद पैसे लेकर निर्माण कार्य की स्वीकृति देते हैं और उसके बाद कार्रवाई करते हैं।
पहले भी अंसारी भवन को किया गया था ध्वस्त
सचिव पंकज उपाध्याय ने बताया कि वर्ष 2010 में अंसारी भवन को पहले भी ध्वस्त किया गया था। उसके बावजूद भवन स्वामी ने दोबारा से भवन का निर्माण कर लिया है। जिस पर प्राधिकरण सख्त कार्रवाई करेगा।
