बहराइच: शराब बरामदगी के लिए दो लोगों को पुलिस ने उठाया, आदिवासी महिलाओं ने किया प्रदर्शन

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बहराइच। सुजौली थाना क्षेत्र के विशुनापुर गांव निवासी आदिवासी महिलाओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप मढ़ते हुए बुधवार को नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सभी का कहना है कि दो दिन पूर्व पुलिस गांव पहुंची। पुलिस ने एक महिला और पुरुष को उठाया। इसके बाद सात हजार रुपए लेकर छोड़ दिया। इसके अलावा छापेमारी के …

बहराइच। सुजौली थाना क्षेत्र के विशुनापुर गांव निवासी आदिवासी महिलाओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप मढ़ते हुए बुधवार को नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सभी का कहना है कि दो दिन पूर्व पुलिस गांव पहुंची। पुलिस ने एक महिला और पुरुष को उठाया। इसके बाद सात हजार रुपए लेकर छोड़ दिया। इसके अलावा छापेमारी के नाम पर आए दिन पुलिस बिना वारंट के प्रताड़ित कर रही है। सभी ने एसपी और डीएम को पत्र भेजकर कार्यवाई की मांग की है।

जिले के सुजौली थाना क्षेत्र के ग्राम विशुनापुर में आदिवासी समाज के लोग निवास करते हैं। अनसूचित जनजाति के लोग ही गांव में रहते हैं। गांव निवासी चंपी देवी पत्नी अनिल और सूरज प्यारी पत्नी केशव राम को सोमवार को पुलिस उठा कर ले गई। रात में 11.30 बजे दरोगा पंकज यादव और सिपाही हरिशंकर पांडेय ने सात हजार रुपए लेकर छोड़ दिया। इसके बाद मंगलवार को पुनः बिना वारंट के ही घरों में छापेमारी की। सभी का कहना है कि रात में पुलिस बिना सर्च वारंट के कैसे घरों में घुस रही है। जब पुलिस कुछ नहीं पाती है तो घर में रखे सामान को ही तहस नहस कर रही है। सभी ने पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक केशव कुमार चौधरी और जिलाधिकारी डॉक्टर दिनेश चंद्र को ज्ञापन भेजा।

मामले की करा रहे जांच

सुजौली थाना क्षेत्र के विशुनापुर गांव में पुलिस द्वारा किए जा रहे बवाल और ग्रामीणों के प्रदर्शन के मामले में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अशोक कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की जांच करा रहे हैं। इसके बाद कार्यवाई होगी। उधर पुलिस की इस कार्यशैली से लोगों में नाराजगी है।

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