कैब ड्राइवर्स की मनमानी पर सख्ती, अब बेवजह कैब कैंसिल करना पड़ेगा भारी

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नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने कैब कंपनियों के खिलाफ बढ़ती शिकायतों के बीच में एक आदेश जारी किया है। जिसके मुताबिक़, अगर कोई भी कैब ड्राइवर (Cab Driver) बिना किसी ठोस कारण के कस्टमर द्वारा बुक की गई राइड को कैंसिल (Ride Cancellation) करता है तो ऐसी स्थिति में उसके खिलाफ कठोर …

नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने कैब कंपनियों के खिलाफ बढ़ती शिकायतों के बीच में एक आदेश जारी किया है। जिसके मुताबिक़, अगर कोई भी कैब ड्राइवर (Cab Driver) बिना किसी ठोस कारण के कस्टमर द्वारा बुक की गई राइड को कैंसिल (Ride Cancellation) करता है तो ऐसी स्थिति में उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अब अगर बिना कोई ठोस कारण के कैब ड्राइवर राइड कैंसिल करता है तो उसके खिलाफ सख्‍त कार्रवाई होगी। साथ ही कैश में किराया लेने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

इस कदम के बाद कहा जा रहा है कि कैब एग्रीगेटर के खिलाफ बढ़ती शिकायतों को देखते हुए अब सरकार ने इनकी मनमानी पर रोक लगाने के लिए सख्‍त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

कैब एग्रीगेटर्स के खिलाफ पिछले कुछ दिनों में शिकायतें काफी बढ़ गई हैं। उपभोक्ताओं की अधिकांश शिकायतें सेवाओं में कमी और अन्य अनुचित व्यापार प्रथाओं से संबंधित हैं। उपभोक्‍ताओं की सबसे बड़ी शिकायत कैब ड्राइवरों द्वारा बेवजह राइड कैंसिल कर देना है। इसके अलावा तय रकम से ज्‍यादा किराया वसूलना, किराये को नकदी में मांगना और यात्रा के दौरान गाड़ी में एसी न चलाने की भी शिकायतें उपभोक्‍ता कर रहे हैं।

बता दें कि 10 मई, 2022 को कैब एग्रीगेटर्स के साथ हुई बैठक में सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर वे अपने सिस्टम में सुधार नहीं करते हैं और उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों का हल नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद 20 मई को केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने ओला (Ola) और उबर (Uber) को नोटिस जारी किया था। प्राधिकरण ने नोटिस का जवाब देने के लिए ओला और उबर को 15 दिन का समय दिया था।

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