उत्तराखंड : यहां गोरखा कालीन भरुवा बंदूक और अलाउद्दीन खिलजी के समय के सिक्के देख कुमाऊं आयुक्त हुए अभिभूत, फिर दिए यह निर्देश
पिथौरागढ़, अमृत विचार। देवभूमि उत्तराखंड के संग्रहालयों में ऐतिहासिक मूर्तियों और चित्रों का खजाना छुपा हुआ है। यही वजह है कि देश-विदेश से आने वाले सैलानी इन संग्रहालयों में आकर इन्हें निहारना और जानकारी जुटाना नहीं भूलते। गुरुवार को कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत भी ऐसे ही एक संग्रहालय के दीदार करने पहुंचे तो यहां मौजूद …
पिथौरागढ़, अमृत विचार। देवभूमि उत्तराखंड के संग्रहालयों में ऐतिहासिक मूर्तियों और चित्रों का खजाना छुपा हुआ है। यही वजह है कि देश-विदेश से आने वाले सैलानी इन संग्रहालयों में आकर इन्हें निहारना और जानकारी जुटाना नहीं भूलते। गुरुवार को कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत भी ऐसे ही एक संग्रहालय के दीदार करने पहुंचे तो यहां मौजूद दुर्लभ वस्तुओं को देखकर हैरान रह गए।

दरअसल, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत जनपद भ्रमण के चौथे दिन गुरुवार को पिथौरागढ़ स्थित राजकीय संग्रहालय के निरीक्षण को पहुंचे थे। इस दौरान कुमाऊं आयुक्त संग्रहालय में रखे हुए गोरखा कालीन भरूवा बंदूक का अग्रभाग लमछड़, अस्त्र- शस्त्र, ब्रिटिश कालीन सिक्के, आधुनिक सिक्के, अलाउद्दीन खिलजी के समय के सिक्के और अन्य भारतीय सिक्के देखकर प्रभावित हुए। मंडलायुक्त ने संग्रहालय के विथिका सहायक अनिल कापड़ी को निर्देश दिए कि संग्रहालय में रखे गए सिक्कों का चित्र सहित ऐतिहासिक विवरण भी रखा जाय।
कुमाऊं आयुक्त ने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान को निर्देश दिए कि पिथौरागढ़ के प्राचीन मंदिरों के फोटो चित्र भी संग्रहालय में लगाए जाएं और इस कार्य के लिए संग्रहालय को धनराशि प्रदान की जाए। इस मौके पर एमडी कुमाऊं मंडल विकास निगम विनीत तोमर, उप जिलाधिकारी सुंदर सिंह आदि रहे।
