मुरादाबाद : अब एमडीए संपत्तियों की होगी ऑनलाइन नीलामी
विनोद श्रीवास्तव, अमृत विचार। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की संपत्तियों की खरीद व नीलामी में शामिल होने के लिए कहीं भागदौड़ करने की जरूरत नहीं होगी। दिल्ली, मुंबई, नोएडा या देश-विदेश में कहीं भी घर बैठकर ऑनलाइन नीलामी में जुड़ सकते हैं। प्राधिकरण ई-नीलामी की सुविधा इस महीने देने जा रहा है। एमडीए की आवासीय और …
विनोद श्रीवास्तव, अमृत विचार। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की संपत्तियों की खरीद व नीलामी में शामिल होने के लिए कहीं भागदौड़ करने की जरूरत नहीं होगी। दिल्ली, मुंबई, नोएडा या देश-विदेश में कहीं भी घर बैठकर ऑनलाइन नीलामी में जुड़ सकते हैं। प्राधिकरण ई-नीलामी की सुविधा इस महीने देने जा रहा है।
एमडीए की आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की खरीद-फरोख्त नीलामी के जरिए करने के लिए अब आपको कार्यालय का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। प्राधिकरण इस महीने ही ई-नीलामी की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इससे किसी भी जिले के निवासी अपने घर या कार्यालय में बैठे-बैठे ई-नीलामी में शामिल होकर बोली लगा सकते हैं। नीलामी की शर्तों को उन्हें पूरा करना होगा। सभी औपचारिकता ई-नीलामी पोर्टल पर दिए निर्देश के अनुसार पूरा करने वाले को ही नीलामी में बोली लगाने का अवसर मिलेगा। इससे नीलामी में पारदर्शिता आएगी व कार्यालय का चक्कर काटने से लोग बच जाएंगे।
बोर्ड की बैठक में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा महायोजना का प्रस्ताव
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्र में विकास कार्यों को नया आयाम देने के लिए महायोजना 2031 के प्रस्तावों के प्रारूप का अनुमोदन 26 जुलाई को होनी वाली बोर्ड बैठक में होने की पूरी संभावना है। इसके शासन से स्वीकृत होते ही मुरादाबाद के विकास कार्यों को गति मिल जाएगी। महायोजना के प्रारूप पर मांगे गए सुझाव और आपत्ति में 286 ने आवेदन किया था। इसका पिछले महीने सुनवाई की गई। कई बार अवसर देकर सभी पक्षों को सुना गया। अब इसके संशोधित प्रारूप पर शासन की कमेटी से चर्चा के बाद 26 जुलाई को बोर्ड की बैठक में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। शासन की मंजूरी मिलते ही प्राधिकरण क्षेत्र में विकास कार्यों की रफ्तार तेज हो जाएगी, जिससे शहर को नया आयाम मिलेगा।
नीलामी की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी
एमडीए उपाध्यक्ष मधुसूदन हुलगी का कहना है कि इस महीने एमडीए में ऑनलाइन नीलामी की सुविधा हो शुरू होगी। इससे कोई भी घर बैठे बोली लगाकर प्राधिकरण की संपत्ति की नीलामी में शामिल हो सकते हैं। इससे नीलामी की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। बोली लगाने वालों की संख्या बढ़ने से प्राधिकरण को राजस्व भी अधिक मिलने का अवसर रहेगा।
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