सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड की इस सड़क के मामले में राज्य सरकार और ठेकेदार को जारी किया नोटिस

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नैनीताल, अमृत विचार। सड़क के टेंडर विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के अलावा दो ठेकेदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 22 जुलाई तय की है। मामला चंपावत जिले में देवली माफी-गल्लागांव की पीएमजीएसवाई के अंतर्गत 14 किलोमीटर सड़क का है। इस सड़क की निविदा 24 दिसंबर 2019 को …

नैनीताल, अमृत विचार। सड़क के टेंडर विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के अलावा दो ठेकेदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 22 जुलाई तय की है।

मामला चंपावत जिले में देवली माफी-गल्लागांव की पीएमजीएसवाई के अंतर्गत 14 किलोमीटर सड़क का है। इस सड़क की निविदा 24 दिसंबर 2019 को जारी हुई थी जबकि 24 जनवरी 2020 को टेंडर पड़े थे। तीन मार्च 2020 को टेंडर खुले। इस निविदा में ठेकेदार दलीप अधिकारी की तकनीकी निविदा पार्टनर फर्म व विभाग में पंजीकृत फर्म में अंतर होने की वजह से अस्वीकार कर दी गई जबकि एलडी बिनवाल की आठ करोड़ 22 लाख 47 हजार की तकनीकी व वित्तीय ब्रिड को स्वीकार कर लिया गया था। जिसे ठेकेदार दलीप अधिकारी ने याचिका दायर कर हाईकोर्ट में चुनौती दी। ठेकेदार का कहना था कि बिनवाल की ब्रिड गलत स्वीकार की गई है। बिनवाल ने हाईकोर्ट में विचाराधीन मामले की जानकारी छिपाई है। कोर्ट ने अधिकारी की याचिका को खारिज कर दिया, साथ ही विचाराधीन वाद का हवाला नहीं देने पर नए सिरे से निविदा प्रक्रिया शुरू करने के आदेश पारित किए।

एकलपीठ के आदेश के विरुद्ध एलडी बिनवाल ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस विक्रम नाथ की संयुक्त पीठ ने वीसी के माध्यम से सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के साथ ही ठेकेदार अधिकारी, टेंडर प्रक्रिया में शामिल पंचघाटी कंस्ट्रक्शन को नोटिस जारी किया है।

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