हल्द्वानी: अगस्त में मिलेंगे जमरानी परियोजना के 2584.10 करोड़
हल्द्वानी, अमृत विचार। जमरानी बांध के निर्माण को अगस्त में बजट जारी हो जाएगा। भारत सरकार की ओर से यह बजट जारी किया जाएगा। यह बजट प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत मिलेगा। जमरानी बांध परियोजना की लागत में 2584.10 करोड़ खर्च होंगे। जमरानी बांध का मामला 1975 से चल रहा है। करीब 400 हेक्टेयर …
हल्द्वानी, अमृत विचार। जमरानी बांध के निर्माण को अगस्त में बजट जारी हो जाएगा। भारत सरकार की ओर से यह बजट जारी किया जाएगा। यह बजट प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत मिलेगा। जमरानी बांध परियोजना की लागत में 2584.10 करोड़ खर्च होंगे।
जमरानी बांध का मामला 1975 से चल रहा है। करीब 400 हेक्टेयर जमीन पर इसका निर्माण होना है। जिसमें निजी भूमि का भी बड़ा हिस्सा है। एडीबी की तरफ से बजट को मंजूरी मिलने से लोगों की उम्मीद और बढ़ी थी। स्थानीय लोगों की ओर से परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद धारा आठ के तहत होने वाली सभी प्रक्रिया पूरी हो गई।
इसके तहत लोगों को बांध निर्माण की जरूरत के साथ विस्थापन को लेकर की जाने वाली कवायद के बारे में विस्तार से बताया गया था। इसके बाद से ग्रामीण धारा 11 लागू करने की मांग कर रहे थे। ताकि अधिग्रहण और विस्थापन को लेकर असमंजस की स्थिति दूर हो सके। मगर एडीबी की ओर से बजट जारी करने से पहले कई आपत्तियां लगाई गई। जमरानी परियोजना के अधिशासी अभियंता बीबी पांडे ने बताया कि अगस्त में जमरानी परियोजना के लिए 2584.10 करोड़ का बजट मिलने वाला है। इसके बाद तेजी से बांध निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
विस्थापन के लिए मिलेगी 350 हेक्टेयर भूमि
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की एक मुख्य शर्त को जमरानी परियोजना ने पूरा कर लिया है। जमरानी बांध के निर्माण की जद में 350 हेक्टेयर वनभूमि आ रही है। वन विभाग से पूर्व में भूमि स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। मगर केंद्रीय मंत्रालय ने कहा था कि बांध की वजह से जितना जंगल खत्म होगा। उसकी भरपाई के लिए जगह दूसरी जगह तलाशी जाए। इसके बाद ही पर्यावरण मंत्रालय से स्टेज टू की अनुमति मिलेगी। गढ़वाल के धनोल्टी में जमीन ढूंढ ली गई थी। लेकिन सात हेक्टेयर कम लैंड होने के कारण मामला अटक गया था। अब टिहरी जिले के धनोल्टी में ही भूमि भी मिल चुकी है।
वर्ष 2027 तक परियोजना पूरा करने का लक्ष्य
जमरानी बांध परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2027 तक रखा गया है। अतिरिक्त सिंचाई के साथ हल्द्वानी शहर को वर्ष 2025 तक 42 एमसीएम पेयजल उपलब्ध कराने का प्राविधान है। साथ ही 63 मिलियन यूनिट वार्षिक विद्युत उत्पादन भी होगा।
रंग लाई केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट की मेहनत
केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने जमरानी बांध के निर्माण के लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। कुछ समय पहले अजय भट्ट ने कहा था कि उन की मेहनत अब रंग लाई है। जमरानी बांध के निर्माण के लिए उन्होंने केंद्रीय जल आयोग के चेयरमैन आरके गुप्ता व उत्तराखंड के सिंचाई सचिव हरीश सेमवाल को योजना में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए उन्होंने सीएम पुष्कर सिंह धामी को भी पत्र लिखा था।
