हल्द्वानी: आजादी के सात दशक बाद भी वन गुर्जरों का सुधलेवा कोई नहीं, अखिल भारतीय किसान महासभा ने कमिश्नर से साझा किया दर्द
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों में रह रहे वन गुर्जरों को आजादी के सात दशक बाद भी उनका हक नहीं मिल सका है। नैनीताल जिले के विकासखंड कोटाबाग, रामनगर और ऊधमसिंहनगर के विकास खंड बाजपुर आदि तराई पश्चिमी, तराई केन्द्रीय, तराई पूर्वी वन प्रभाग के अंतर्गत और जिला चंपावत में वर्षों से बसे …
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों में रह रहे वन गुर्जरों को आजादी के सात दशक बाद भी उनका हक नहीं मिल सका है। नैनीताल जिले के विकासखंड कोटाबाग, रामनगर और ऊधमसिंहनगर के विकास खंड बाजपुर आदि तराई पश्चिमी, तराई केन्द्रीय, तराई पूर्वी वन प्रभाग के अंतर्गत और जिला चंपावत में वर्षों से बसे वन-गुर्जर, गोठ खत्तावासियों, वन ग्राम वासियों की समस्याओं को लेकर शनिवार को एक प्रतिनिधिमंडल कमिश्नर कुमाऊं दीपक रावत से कैम्प कार्यालय में मिला।
किसान महासभा के वरिष्ठ नेता बहादुर सिंह जंगी ने कमिश्नर को बताया कि आजादी के 75 वर्षों बाद भी लूनियांगांज, पटलिया वन गुर्जर खत्ता, ज्वाला वन, अर्जुन नाला आदि के वन गुर्जर व पहाड़ी खत्तावासियों, जिला ऊधमसिंहनगर के विकासखंड बाजपुर के अंतर्गत गली कठानी खत्ता के गुर्जर परिवारों के नाम परिवार रजिस्टर भाग-2 तक में आज तक दर्ज नहीं किए गए हैं। जिस कारण जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं जिसके चलते आधार कार्ड, बैंक खाते, स्थायी निवास, जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने से उन्हें तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जबकि वन में रहने वाले परिवार भी भारत के नागरिक हैं और संविधान प्रदत्त अधिकारों से वंचित नहीं किए जा सकते। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि खत्तावासियों के मूलभूत अधिकारों को सुनिश्चित किया जाएगा।
कमिश्नर कुमाऊं को 14 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंप कर मांग की गई कि जिन खत्तावासियों अभी तक परिवार रजिस्टर में दर्ज नहीं हैं, उनके नाम दर्ज किए जाएं। नैनीताल उधमसिंहनगर व चंपावत जिलों के वन खत्तों व गांवों में राशनकार्ड, जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र, स्थायी निवास, जाति प्रमाणपत्र, विधवा विकलांग वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ दिया जाय।
तीनों जिलों के तराई भाबर के खत्तों में प्राथमिक विद्यालय, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एएनएम सेंटर खोले जाएं। सभी के आधार कार्ड व मतदाता पहचान पत्र बनाए जाएं। नजदीकी खत्तों के बीच मतदान केंद्र बनाए जाएं। सभी जरुरतमंद खत्तावासियों को सोलर सिस्टम उपलब्ध कराया जाए। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खत्तों में भी शौचालय बनाये जाएं। पशुपालकों की सुविधा के लिए नियमित रूप से पशुओं का टीकाकरण हो व सचल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध की जाय। वनाधिकार कानून 2006 लागू किया जाए। तराई पश्चिमी रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ के द्वारा किये जा रहे खत्तावासियों के उत्पीड़न पर रोक लगायी जाए। प्रतिनिधिमंडल में भाकपा (माले) नैनीताल जिला सचिव कामरेड कैलाश पांडेय, मोहम्मद यामिन बिन्नी, आलमगिर, मोहम्मद बशीर, गुलाम मुस्तफा, इनाम, गुलाम रसूल आदि रहे।
