एक महीने बाद जम्मू कश्मीर के लिद्दरवाट के पास मिला हल्द्वानी के मशहूर सर्जन डॉ. महेश का शव
हल्द्वानी, अमृत विचार। शहर के जाने माने सर्जन और संजीवनी अस्पताल के संचालक डॉ. महेश का शव एक महीने बाद जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के लिद्दरवाट के पास बरामद हुआ है। सूचना मिलने के बाद डॉ. महेश कुमार की बेटी परिजन के साथ अनंतनाग को रवाना हो गई हैं। शव मिलने की सूचना पर …
हल्द्वानी, अमृत विचार। शहर के जाने माने सर्जन और संजीवनी अस्पताल के संचालक डॉ. महेश का शव एक महीने बाद जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के लिद्दरवाट के पास बरामद हुआ है। सूचना मिलने के बाद डॉ. महेश कुमार की बेटी परिजन के साथ अनंतनाग को रवाना हो गई हैं। शव मिलने की सूचना पर आईएमए ने भी शोक जताया है।
बताते चलें कि डॉ. महेश कुमार 18 जून को हल्द्वानी से अपने साथियों के साथ ट्रेकिंग के लिए तारसर झील क्षेत्र में पहुंचे थे। डॉ. महेश कुमार ट्रेकिंग के शौकीन थे। वह समय-समय पर ट्रेकिंग के लिए दूरस्थ इलाकों में जाते थे। उनके साथ तीन टूरिस्ट गाइड समेत 14 लोग थे। तीन दिन से लगातार भारी बारिश के कारण दल ऊपर फंस गया। झील का जलस्तर बढ़ने से बुधवार सुबह तारसर झील पर बने पैदल पुल का हिस्सा ढह गया। इससे डॉ. महेश और उनके साथ रहे कश्मीर के गांदरबल निवासी शकील अहमद झील में डूब गए। जानकारी के मुताबिक, हल्द्वानी में डॉ. महेश के परिवार को सूचित कर दिया गया है, जिसके बाद डॉ. महेश कुमार की बेटी परिजन के साथ अनंतनाग को रवाना हो गई हैं।
