लखनऊ : सचिवालय का निजी सचिव करोड़ों की ठगी में गिरफ्तार, नौकरी का झांसा देकर फांसता था शिकार
लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेशभर के बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले उप्र सचिवालय के निजी सचिव समेत तीन आरोपियों को लखनऊ से एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से सचिवालय के सहायक समीक्षा अधिकारी का फर्जी आईडी कार्ड, फर्जी आठ नियुक्ति पत्र …
लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेशभर के बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले उप्र सचिवालय के निजी सचिव समेत तीन आरोपियों को लखनऊ से एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से सचिवालय के सहायक समीक्षा अधिकारी का फर्जी आईडी कार्ड, फर्जी आठ नियुक्ति पत्र समेत कई लोगों के मूल शैक्षिक प्रमाण-पत्र बरामद हुआ है। निजी सचिव से पूछताछ के बाद सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। एसटीएफ के अधिकारियों के शक है कि आरोपी किसी अधिकारी के इशारे पर इस गिरोह का संचालन कर रहे थे। हालांकि, अभी तीनों आरोपियों से पूछताछ हो रही है।
पुलिस उपाधीक्षक (एसटीएफ) दीपक कुमार ने बताया कि काफी समय से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचनाएं मिल रही थी। जिसके बाद एसटीएफ की एक टीम गठित की गई। टीम को सूचना मिली कि ठगी करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड दारुलशफा तिराहे के पास से किसी से मिलने के लिए आया है।
सूचना मिलते ही टीम ने दबिश देकर मास्टरमाइंड निजी सचिव लखनऊ निवासी विजय कुमार मंडल को दबोच लिया। साथ ही इसके दो साथी धर्मवीर सिंह और आकाश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि ये सभी बेरोजगार युवकों को झांसे में लेकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करते थे। अब तक कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं।
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