लखीमपुर-खीरी: आधुनिक उपकरणों से लैस होंगी राजकीय विद्यालयों की प्रयोगशालाएं
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। राजकीय विद्यालयों में बनी प्रयोगशालाओं की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही हैं। वहीं कई विद्यालयों में लैब उपकरणों के अभाव में बंद हो गयी है। ऐसे में बच्चों को पै्रक्टिकल करने में काफी दिक्कतें हो रही थी। प्रयोगशालाओं को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए शासन ने जिले के …
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। राजकीय विद्यालयों में बनी प्रयोगशालाओं की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही हैं। वहीं कई विद्यालयों में लैब उपकरणों के अभाव में बंद हो गयी है। ऐसे में बच्चों को पै्रक्टिकल करने में काफी दिक्कतें हो रही थी। प्रयोगशालाओं को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए शासन ने जिले के कई राजकीय विद्यालयों से प्रस्ताव मांगे है। प्रस्ताव भेजने के बाद इन्हीं प्रयोगशालाओं को और अधिक आधुनिक बनाकर बच्चों के प्रयोग के लिए सौंप दी जाएंगी।
साइंस साइड से पढने वाले छात्र छात्राओं के लिए एक राहत भरी खबर है। अब उन्हें पढाई के बाद प्रैक्टिकल के लिए बाहर से सामान खरीदने की जरूरत नहीं होगी। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिला खीरी में संचालित हो रहे 49 राजकीय विद्यालय में प्रयोगशालाओं की आवश्यकता को देखते हुए डीआईओएस के माध्यम से उक्त विद्यालयों से प्रस्ताव मांगे गये हैं, जिसके आधार पर उनको पाठ्यक्रम के अनुरूप उपकरणों व सामग्रियों द्वारा परिपूर्ण किया जा सके।
डीआईओएस को निर्देशित किया गया है कि राजकीय विद्यालयों में लैबों की आवश्यकताओं को विद्यालय वार प्रस्ताव बनाकर डाटा उपलब्ध कराये। इसमें हाईस्कूल स्तर के विद्यालय को भी शामिल किया गया है जिसमें कक्षा 9 व 10 के छात्र-छात्राएं साइंस साइड से हो, को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किये जाएं।
साथ ही राजकीय विद्यालय इण्टर स्तर तक के संचालित हो रहे विद्यालयों जिनमें विज्ञान के क्रमशः भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान तीन लैब होते हैं। विद्यालय में जिस लैब की ज्यादा आवश्यकता है उसका प्रस्ताव बनाकर भेजने के लिए निर्देशित किया गया है। बताते हैं कि प्रस्ताव भेजने के बाद शीघ्र ही शासन से मंजूरी मिलते ही विद्यालयों में प्रयोगशालाओं को और अधिक आधुनिक बनाया जाएगा जिससे छात्र-छात्राओं को पढ़ाई और प्रैक्टिकल करने में पहले से आसानी होगी।
लैब बनने से बढ़ेगी नन्हें बाल वैज्ञानिकों की संख्या
जिले के राजकीय विद्यालयों में जब आधुनिक प्रयोगशालाएं होंगी तो जिले से नन्हें बाल वैज्ञानिकों का हौसला बढेगा और एक बड़ी संख्या में बच्चे निकलकर जिले का नाम रोशन कर सकते है। बता दें कि मौजूदा समय में इंस्पायर योजना का भी संचालित की जा रही है जिसमें बच्चों को आगे बढाने के लिए तमाम प्रोत्साहन राशि भी रखी गयी है।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा शासकीय विद्यालयों में वैज्ञानिक रुचि का विकास करने हेतु सराहनीय कदम उठाए गए हैं। लखनऊ मण्डल के साथ-साथ पूरे प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से वैज्ञानिकों की नई फ़ौज तैयार होकर उत्तर प्रदेश राज्य के साथ साथ हिन्दुस्तान को विकसित राष्ट्र बनाने में अपनी अहम भूमिका अदा करेगी—डा. दिनेश कुमार, मण्डलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी।
