बस्ती : गर्भवती को नहीं मिली एम्बुलेंस, अस्पताल ले जाते ठेले पर हुई डिलीवरी

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बस्ती, अमृत विचार। करोड़ों का खर्च, हजारों स्वास्थ्य योजनाएं, मंत्री-अधिकारियों  का लगातार निरीक्षण, इतने तामझाम के बावजूद गर्भवती महिला का ठेले पर बच्चे को जन्म देना बेहद शर्मनाक है। ये बानगी है यूपी की स्वास्थ्य सेवा की जिससे आम जनता हर रोज रूबरू होती है। बस्ती जिले में परिजन मजबूरी में ठेले से प्रसूता को …

बस्ती, अमृत विचार। करोड़ों का खर्च, हजारों स्वास्थ्य योजनाएं, मंत्री-अधिकारियों  का लगातार निरीक्षण, इतने तामझाम के बावजूद गर्भवती महिला का ठेले पर बच्चे को जन्म देना बेहद शर्मनाक है। ये बानगी है यूपी की स्वास्थ्य सेवा की जिससे आम जनता हर रोज रूबरू होती है।

बस्ती जिले में परिजन मजबूरी में ठेले से प्रसूता को लेकर अस्पताल के लिए रवाना हुए। इस दौरान रास्ते में ही ठेले पर उसकी डिलीवरी हो गई। जच्चा-बच्चा के सीएससी कप्तानगंज पहुंचने पर स्टाफ नर्स व दाई नाल काटकर भर्ती कर लिया है।

परिजनों ने मंगलवार रात हुई घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वाहन प्रभारी डॉ. एसबी सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में है। प्रकरण की जानकारी होने पर डीएम ने सीएमओ के साथ एम्बुलेंस के जिम्मेदारों को तलब किया है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कप्तानगंज ब्लॉक के रानीपुर गांव निवासी रामसागर के यहां उनकी साली सीमा देवी आई हुई थीं। मंगलवार देर रात सीमा को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिजनों ने गांव की आशा विमलेश तिवारी को बुलाया। विमलेश तिवारी ने रात में एंबुलेंस के लिए 102 पर फोन किया।

आशा के मुताबिक 102 पर बताया गया कि गाड़ी खराब है और दूसरी एक अन्य केस में गई है। आपका केस 108 एंबुलेंस को ट्रांसफर कर दिया गया है। प्रसव पीड़ा बढ़ने लगी तो परिजन ठेले पर ही पीड़िता को लादकर सीएचसी की ओर निकल दिए। रास्ते में ही रमवापुर बाग के पास प्रसव हो गया। साथ में मौजूद आशा विमलेश तिवारी, बहन पूनम और बहनोई राम सागर ठेले से ही प्रसव पीड़िता को लेकर सीएचसी पहुंचे। वहां रातमें स्टाफ नर्स और दाई ने नाल काटकर जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित भर्ती कर लिया।

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