अयोध्या: सरयू के जलस्तर में वृद्धि से तटीय इलाकों में कटान तेज, नहीं किया गया है कोई इंतजाम
अयोध्या। सरयू नदी में जल स्तर बढ़ने के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में कटान तेज हो गई है। कई घर कटान के कगार पर आ गए हैं। जिससे प्रभावित इलाकों के लोग बाढ़ को लेकर भयभीत हैं। प्रशासन ने अभी तक बाढ़ प्रभावित इलाके में किसी प्रकार का कोई इंतजाम नहीं किया है। बाढ़ प्रभावित …
अयोध्या। सरयू नदी में जल स्तर बढ़ने के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में कटान तेज हो गई है। कई घर कटान के कगार पर आ गए हैं। जिससे प्रभावित इलाकों के लोग बाढ़ को लेकर भयभीत हैं। प्रशासन ने अभी तक बाढ़ प्रभावित इलाके में किसी प्रकार का कोई इंतजाम नहीं किया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र रामपुर पुवारी माझा के मदराही मे कटान तेज हो गई हैं। गांव के ही जगतपाल साहब, फतेह बहादुर निषाद, कोमल निषाद, चंद्रावती, रामनाथ, अशोक कुमार, सुनील कुमार, श्याम सुंदर का मकान कटान के कगार पर है। इन लोगों का कहना है कि घर गृहस्थी का सारा सामान नदी में समा जाएगा तो हम लोग कहां जाएंगे। अभी तक कटान रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं हुआ है। रामपुर पुआरी के प्रधान रमेश कुमार निषाद ने बताया कि रामपुर पुआरी के मदराही धनई का पुरवा तौलेसर का पुरवा गिलनट नई दुनिया सहित छह मजरे की 1800 आबादी कटान से प्रभावित है। जिसमें मदराही के 100 परिवार कटान की जद में हैं। जिसकी शिकायत प्रार्थना पत्र देकर मत्स्य मंत्री डॉ संजय निषाद से की गई थी।
इसके बाद भी अभी स्थानीय प्रशासन नहीं जागा है। लेखपाल राम फकीरे ने बताया कि कटान की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी गई है। लेकिन कटान रोकने का इंतजाम अभी तक नहीं हुआ है। यही हाल मड़ना माझा, बलुइया, मूडाडीहा, सलेमपुर, पूरे चेतन, पिपरी संग्राम, उरदहवा गांवों का भी है।
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