देहरादून: प्रदेश में 96 फीसदी खसरों को यूनिक नंबर जारी

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देहरादून, अमृत विचार। सचिवालय में गुरुवार को आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बताया कि प्रदेश में 96 फीसदी खसरों को यूनिक आईडेंटिफिकेशन पार्सल नंबर जारी हो चुके हैं। बैठक में बताया गया कि डीआईएलएमआरपी में भारत सरकार स्तर से प्राप्त स्वीकृति से इतर सम्पूर्ण प्रदेश की भूमि का …

देहरादून, अमृत विचार। सचिवालय में गुरुवार को आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बताया कि प्रदेश में 96 फीसदी खसरों को यूनिक आईडेंटिफिकेशन पार्सल नंबर जारी हो चुके हैं।

बैठक में बताया गया कि डीआईएलएमआरपी में भारत सरकार स्तर से प्राप्त स्वीकृति से इतर सम्पूर्ण प्रदेश की भूमि का आधुनिक विधि से सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। नवीन राजस्व संहिता प्रख्यापित की गई है। स्वामित्व योजना का सर्वेक्षण 15 अगस्त 2022 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।

प्रदेश के कुल 16686 राजस्व ग्रामों के सापेक्ष 14343 राजस्व ग्राम अधिसूचित किये गये हैं। अधिसूचित ग्रामों के सापेक्ष अभिलेखों में दर्ज आबादी वाले 7576 ग्राम ड्रोन सर्वेक्षण के लिए चिन्हित किये गये। 7576 ग्रामों में शतप्रतिशत ड्रोन फ्लाइंग पूर्ण हो गयी है। 6591 (87.0%) ग्रामों में कुल 204212 स्वामित्व अभिलेख तैयार जिसके सापेक्ष 162945 (79.8 प्रतिशत) स्वामित्व अभिलेख वितरित किये जा चुके हैं।

बैठक में बताया गया कि डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड मॉर्डनाइजेशन प्रोग्राम भूमि संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित योजना है। इसमें समस्त जेडए एवं नॉन जेड ए खतौनियो का कम्प्यूटरीकरण/ डिजिटाइजेशन पूर्ण किया जा चुका है। समस्त 54 सब रजिस्ट्रार कार्यालयों का कम्प्यूटरीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है।

77 तहसीलों में मॉडन रिकॉर्ड रूम स्थापित किये गये हैं। समस्त 402 राजस्व न्यायालय पोर्टल पर ऑनलाइन किये जा चुके हैं। 96% खसरों के लिए यूनिक आईडेंटिफिकेशन पार्सल नम्बर निर्गत किये गये। अल्मोडा व पौड़ी गढ़वाल जिलों के कैडस्ट्रल मैप डिजिटाइज हो चुके हैं जबकि अवशेष 11 जनपदों के डिजिटाइज किये जाने का लक्ष्य सितम्बर 2024 है। समस्त खसरा नंबरों को जियोरिफरेन्सड यूनिक आईडेंटिफिकेशन पार्सल नंबर दिया जाएगा।

 

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