रानीखेत में छावनी परिषद के नोटिस से लोगों में रोष, फ्री होल्ड के नियमों को स्पष्ट करने की मांग
रानीखेत, अमृत विचार। छावनी परिषद द्वारा कैंट क्षेत्र के भवन स्वामियों को फ्री होल्ड कराने बाबत दिए गए नोटिस को लेकर लोगों में भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि भूमि को फ्री होल्ड कराने के नियम छावनी परिषद ने स्पष्ट नहीं किए हैं। इससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। एक सभागार में …
रानीखेत, अमृत विचार। छावनी परिषद द्वारा कैंट क्षेत्र के भवन स्वामियों को फ्री होल्ड कराने बाबत दिए गए नोटिस को लेकर लोगों में भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि भूमि को फ्री होल्ड कराने के नियम छावनी परिषद ने स्पष्ट नहीं किए हैं। इससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
एक सभागार में छावनी क्षेत्र के भवन स्वामियों की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल मोहन चंद्र भंडारी ने कहा कि भूमि को फ्रीहोल्ड कराने के लिए छावनी परिषद द्वारा अभी तक कोई नियम आदि जारी नहीं किए गए हैं। फ्रीहोल्ड कराने की प्रक्रिया क्या होगी जिसको लेकर लोगों में संशय से बना हुआ है। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बाबत एक कमेटी का गठन किया जाएगा। जो नागरिक क्षेत्र के निवासियों के हितों के संरक्षण के लिए विधिक परामर्श लेगी। तत्पश्चात भविष्य की रणनीति तय की जाएगी।
बैठक में वक्ताओं ने छावनी परिषद से भूमि को फ्री होल्ड कराने के नियमों स्पष्ट करने की बात कही। गौरतलब है कि छावनी परिषद द्वारा नोटिस जारी किया। इसमें उल्लेख किया गया कि भारत सरकार रक्षा मंत्रालय के द्वारा अधिसूचित छावनी भूमि प्रशासन नियमावली 2021 में संशोधित कर छावनी क्षेत्र में निवासरत लोगों की भूमि को फ्री होल्ड करने की नीति तैयार की गई है। इसके लिए 30 दिन के अंदर आपत्तियां व सुझाव प्रेषित करने के लिए कहा गया। बैठक की अध्यक्षता छावनी परिषद के नामित सदस्य मोहन नेगी ने की। इस अवसर पर हीरा सिंह रावत ब्लॉक प्रमुख ताड़ीखेत, दीपक पंत उपाध्यक्ष व्यापार मंडल, सोनू सिद्धकी, अधिवक्ता हरीश मनराल, वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश रौतेला, कैलाश पांडे, अतुल अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
