पीलीभीत: मैजिक चालक बोला- बेटी भूखी है मान जाइए…नहीं तो कर लूंगा खुदकुशी
पीलीभीत, अमृत विचार। साहब घर पर आठ साल की भूखी बेटी है। मैजिक चलाकर ही उसके लिए दो निवाले जुटा पाता हूं। मैजिक न चली तो बेटी क्या खाएगी। अगर आप मैजिक ले गए तो खुदकुशी कर लूंगा। मैजिक पकड़ने आई असम चौकी पुलिस ने ये शब्द सुने तो फजीहत में घिरने से बचने के …
पीलीभीत, अमृत विचार। साहब घर पर आठ साल की भूखी बेटी है। मैजिक चलाकर ही उसके लिए दो निवाले जुटा पाता हूं। मैजिक न चली तो बेटी क्या खाएगी। अगर आप मैजिक ले गए तो खुदकुशी कर लूंगा। मैजिक पकड़ने आई असम चौकी पुलिस ने ये शब्द सुने तो फजीहत में घिरने से बचने के लिए उल्टे पांव लौट गई। वहीं दूसरे वाहनों को पकड़ा जाता रहा, जिससे यात्रियों को खासा दिक्कत का सामना करना पड़ा। कल सावन का तीसरा सोमवार है। पुलिस की पॉइंट्स बनाकर ड्यूटी तय कर दी गयी है।
मगर, चुनाव की तरह इसमे भी पुलिस के सामने वाहनों का टोटा हो गया। पुलिस पूरनपुर, बीसलपुर, नबाबगंज रुट पर दौड़ने वाले मैजिक गश्त के लिए पकड़ने को रविवार देर शाम से दौड़ भाग करने लगी। इसी बीच असम चौराहा पर एक मैजिक को दो सिपाहियों ने पकड़ा। वर्दी का रौब दिखाते हुए ले जाने लगे। पहले तो चालक गुहार लगाता रहा। मगर बाद में गुस्सा गया। उसने अपनी दिक्कत बताते हुए खुदकुशी की बात कह दी। जिसके बाद सिपाहियों को जाने में देर नहीं लगी। हालांकि वह कई मैजिक पकड़ कर ली गयी।
यात्री हुए परेशान
गिनी चुनी ट्रेन और बसे होने पर पहले ही इन रूट पर सवारियों को परेशान होना पड़ता है। जब पुलिस वाहन पकड़ने को दौड़ी तो मैजिक चालक बचने को इधर उधर चले गए। सवारियों को उनके लौटने का घन्टो इंतजार करना पड़ा। वही कई किलोमीटर पैदल भी गए।
तेल का पैसा न किराया..रोटी भी नसीब नहीं
पुलिस के वाहन जबरन पकड़ने के बाद हाइवे पर दर्जनों मैजिक चालक एकत्र हुए और नाराजगी जताई। कहा कि पुलिस न तो तेल का पैसा देती है, न ही किराया। दिनभर घुमाने के बाद खाना तक नसीब नहीं होता। शाम को खाली हाथ गए तो परिवार को क्या खिलाएंगे। अगर वाहन कम है तो पुलिसकर्मियों के निजी वाहन का इस्तेमाल क्यों नहीं होता है। मामला चर्चा का विषय बना रहा।
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