शिवपाल यादव ने रामगोपल की सीएम योगी से मुलाकात पर साधा निशाना, कहा- न्याय की यह लड़ाई अधूरी क्यों?
लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सपा के वारिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने बीते सोमवार को मुलाकात की थी। अब इस मुलकात पर प्रसपा अध्यक्ष व रामगोपल के भाई शिवपाल यादव ने निशाना साधा है। शिवपाल यादव ने कहा कि रामगोपाल ने मुख्यमंत्री योगी से मिलने पर आजम खान, नाहिद हसन …
लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सपा के वारिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने बीते सोमवार को मुलाकात की थी। अब इस मुलकात पर प्रसपा अध्यक्ष व रामगोपल के भाई शिवपाल यादव ने निशाना साधा है। शिवपाल यादव ने कहा कि रामगोपाल ने मुख्यमंत्री योगी से मिलने पर आजम खान, नाहिद हसन आदि कार्यकर्ताओं के मामले क्यों नहीं उठाए।
न्याय की यह लड़ाई अधूरी क्यों हैं?
आजम खान साहब, नाहिद हसन, शहजिल इस्लाम…..और अन्य कार्यकर्ताओं के लिए क्यों नहीं ? pic.twitter.com/Iy0MVRWCJO— Shivpal Singh Yadav (@shivpalsinghyad) August 2, 2022
शिवपाल यादव ने लिखा, ‘न्याय की यह लड़ाई अधूरी क्यों हैं? आजम खान साहब, नाहिद हसन, शहजिल इस्लाम…..और अन्य कार्यकर्ताओं के लिए क्यों नहीं?’ इतना ही नहीं शिवपाल यादव ने रामगोपाल यादव की सीएम योगी आदित्यनाथ को दी गई चिट्ठी को भी सार्वजनिक कर दिया है। बता दें कि शिवपाल यादव पर पिछले दिनों सपा की ओर से पत्र जारी कर हमला किया गया था। उन्हें जहां अधिक महत्व मिल रहा, वहां जाने की सलाह दे दी गई थी। बाद में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें अपनी पार्टी को मजबूत करने की सलाह दे दी।
रामगोपाल यादव की चिट्ठी में क्या है?
प्रो. रामगोपाल यादव ने मुख्यमंत्री को दी गई चिट्ठी में पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और उनके परिवार का उत्पीड़न रोकने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि रामेश्वर यादव यूपी के एटा के अलीगंज विधानसभा से 1996, 2002 और 2012 में विधायक रहे हैं। उनके छोटे भाई जोगेंद्र सिंह दो बार जिला पंचायत एटा के अध्यक्ष रहे हैं। इस जोगेंद्र सिंह की पत्नी रेखा यादव एटा जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। वर्ष 2007 में मायावती शासन के समय तत्कालीन मंत्री अवध पाल सिंह यादव का बेटा जोगेंद्र सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ रहा था। उसके खिलाफ तब 40 झूठे केस और गैंगस्टर एक्ट के तहत परिवार के सभी सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। हाई कोर्ट के आदेश के उन्हें खत्म किया गया।
वर्ष 2018 में रामेश्वर यादव और उनके परिजनों के खिलाफ स्थानीय राजनैतिक विरोध में दो केस किए गए। कोर्ट में यह विचाराधीन है। 2021 में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जब रेखा यादव लड़ रही थी तो रामेश्वर यादव और जोगेंद्र सिंह के खिलाफ तीन और केस किए गए। इन मामलों में उनका शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और फॉर्म हाउस पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। इलाहाबाद हाइकोर्ट ने तीन में से दो केस में स्टे दिया गया है। एक में जमानत दे दी गई। उन्होंने दावा किया है कि रामेश्वर यादव और उनके परिजनों के खिलाफ झूठे केस किए गए।
रामगोपाल यादव ने इस मामले में कहा कि दो केस तो उस दिन हुए, जिस दिन उनकी मां की मृत्यु हुई थी और तेरहवीं थी। क्या कोई आदमी ऐसे समय में 60 किलोमीटर दूर जाकर वारदात को अंजाम दे सकता है? सपा महासचिव ने कहा कि पूर्व विधायक के सभी जमीन-जायदाद, मकान कुर्क कर लिए गए। बच्चों के रहने के लिए भी जगह नहीं है। डिग्री कॉलेज और इंटर कॉलेज को भी सीज कर दिया गया। यहां पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य अंधकारमय है। विरोधी सक्रिय हैं। ऐसे में उनकी जान का खतरा है। ऐसे में पूर्व विधायक और परिजनों पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच कराएं।
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