अयोध्या: अतिक्रमण और अवैध निर्माण को हटाने को लेकर दिया फरमान भी किया अनदेखा
अयोध्या। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने शासन सत्ता को अपनी मनमानी दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। प्राधिकरण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अतिक्रमण व अवैध निर्माण हटाने और नियोजित नगर तक के आदेश को ठेंगा दिखा दिया। इतना ही नहीं शासन स्तर से बढ़ाए गए नगर सीमा क्षेत्र में भी अब बड़ा खेल खेला …
अयोध्या। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने शासन सत्ता को अपनी मनमानी दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। प्राधिकरण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अतिक्रमण व अवैध निर्माण हटाने और नियोजित नगर तक के आदेश को ठेंगा दिखा दिया। इतना ही नहीं शासन स्तर से बढ़ाए गए नगर सीमा क्षेत्र में भी अब बड़ा खेल खेला जा रहा है। प्राधिकरण अपनी सीमा में बढ़ाए गए इस इस क्षेत्र में भू-माफिया को अवैध प्लाटिंग की खुली छूट दे रहा है। इसीलिए शहर के इर्द-गिर्द अवैध प्लाटिंग का धंधा जोर पकड़ चुका है।
खास बात यह है कि इसी खेल के चलते प्राधिकरण ने दो चरणों की महायोजना में पहले चरण में पुराने सीमा क्षेत्र को रखा है ताकि दूसरे चरण के क्षेत्र पर अभी किसी की निगाह न पड़े। यहीं कारण है कि दूसरे चरण की महायोजना में शामिल 33 वर्ग किलोमीटर का बाहरी क्षेत्र नियोजन से अभी तक अधिसूचित नहीं किया गया है। अंदरखाने भू- माफिया को इस बढ़े क्षेत्र में लूट की खुली छूट दे रखी है।
जिसके चलते शहर के बाहरी हिस्से में धड़ाधड़ अवैध रूप से प्लाटिंग का काम चल रहा है। भारत सरकार के अमृत महोत्सव के तहत महायोजना में पहले प्राधिकरण के पुराने क्षेत्र को शामिल किया गया था। नगर निगम से नए 41 गांव जुड़े तो प्राधिकरण की लाटरी निकल आई। जिसके बाद शासन ने एडीए के विकास क्षेत्र को 840 अतिरिक्त वर्ग किलोमीटर बढ़ा दिया। जिसके कारण अब एडीए का क्षेत्र कुल 873 वर्ग किलोमीटर हो गया यानि उसे 33 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र और मिल गया।
एडीए के वित्त एवं लेखाधिकारी आरपी सिंह भी इसकी पुष्टि करते हैं। उनके अनुसार महायोजना का पहला भाग (क) है जिसमें 133 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को शामिल किया गया है। इसके बाद भाग दो यानि (ख) क्षेत्र में शेष क्षेत्र लिया जायेगा। बस यही प्राधिकरण के लिए वरदान बना हुआ है।
पहले क्षेत्र पर जोर शोर से विकास का हल्ला मचाया जा रहा है जबकि शेष 740 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र अभी अछूता पड़ा हुआ है। खास बात यह है कि पहले चरण में नगर निगम के विस्तारित क्षेत्र को शामिल कर लिया गया है ताकि बड़े क्षेत्र का बड़ा खेल करीने से खेला जा सके। दूसरे चरण के शेष क्षेत्र में भू-माफिया पूरी तरह से हावी हैं।
अतिक्रमण व अवैध निर्माण ढहाने का आदेश भी नहीं माना
अयोध्या विकास प्राधिकरण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों की अयोध्या को ही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश तक को ठेंगा दिखा दिया है। मुख्यमंत्री ने सख्त आदेश दिया था कि अतिक्रमण क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां से 24 घंटे के भीतर उन्हें हटाया जाए लेकिन आज एक माह से ऊपर हो गए जेल रोड के पीछे छोड़कर कहीं नहीं अतिक्रमण हटाया गया।
शहरी इलाकों में अभी भी कई जगह अतिक्रमण बरकरार है। इसके अलावा अवैध निर्माण भी ढहाने का भी आदेश दिया गया था लेकिन उसे भी हवा में उड़ा दिया गया। अवैध निर्माण ढहाने के नाम पर दो जगह कार्रवाई की गई उसके बाद सब जस का तस है।
एक कार्रवाई अयोध्या और दूसरी डूब क्षेत्र में फर्ज अदायगी के रुप में हुई। प्राधिकरण की दबंगई का यह हाल तब है जब मुख्यमंत्री अक्सर अयोध्या के दौरे पर रहते हैं। इसके बाद भी प्राधिकरण पर कोई जूं तक नहीं रेंग रही है।
कोट – पहले चरण का नियोजन पूरा किया जा चुका है। दूसरे चरण की प्रकिया बाद में शुरू होगी। यदि विस्तारित क्षेत्र में कोई अवैध प्लाटिंग कर रहा है तो उसे देखा जायेगा।– गोर्की, नगर नियोजक, अयोध्या विकास प्राधिकरण, अयोध्या ।
