गौतमबुद्धनगर : जिला अस्पताल के डॉक्टर ने मरीज को देखने से किया मना, मौत…जानें पूरा मामला
गौतमबुद्धनगर। जिला अस्पताल के डाक्टरों का उस वक्त दिल नहीं पसीजा। जहां डॉक्टरों की अनदेखी के कारण एक मरीज की मौत हो गई। इस दौरान परिजनों का आरोप है कि मरीज चार घंटे तक अस्पताल के बाहर तड़पता रहा। इसके बावजूद डॉक्टरों ने सही समय पर इलाज नहीं किया और दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने …
गौतमबुद्धनगर। जिला अस्पताल के डाक्टरों का उस वक्त दिल नहीं पसीजा। जहां डॉक्टरों की अनदेखी के कारण एक मरीज की मौत हो गई। इस दौरान परिजनों का आरोप है कि मरीज चार घंटे तक अस्पताल के बाहर तड़पता रहा। इसके बावजूद डॉक्टरों ने सही समय पर इलाज नहीं किया और दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने के लिए उन्हें एम्बुलेंस भी नहीं मिली।
बता दें कि गौतमबुद्धनगर के सेक्टर 30 के जिला अस्पताल में दिल्ली के बदरपुर निवासी प्रकाश को इलाज के लिए लाया गया था। उसकी पत्नी सरिता का कहना था कि मरीज को यूरीन नहीं हो रही थी। जिससे पेट में दर्द और तेज बुखार था। गुरुवार सुबह पांच बजे उसे गौतमबुद्धनगर के जिला अस्पताल में पहुंचाया गया। बता दें कि इमरजेंसी वार्ड में काफी जद्दोजहत करने के बाद उनके पति की यूरिन की नली लगाई गई। इसके बाद परिजन प्रकाश को ओपीडी में लेकर पहुंचे।
तभी ओपीडी में एक महिला डॉक्टर ने परिजनों से कहा कि वह सिर्फ महिलाओं का इलाज करती है। इसके बाद परिजन कमरा नंबर 06 पर पहुंचे तब डॉक्टरों ने इलाज के नाम पर खानपूर्ति कर सरकारी दवा लिख दी और मरीज को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में रेफर कर दिया। बता दें कि करीब 04 घंटे तक प्रकाश व उसके परिजन एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे।
इसके बावजूद उन्हें एम्बुलेंस नहीं मिली। इससे प्रकाश की हालत खराब होती चली गई और अस्पताल के बाहर फर्श पर लेट गया। आपको बता दें कि अस्पताल में स्ट्रैचर तक नहीं मिला। हालत बिगड़ने पर परिजन दोबारा इमरजेंसी वार्ड की तरफ दौड़े लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और प्रकाश ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृतक की पत्नी ने बताया कि प्रकाश कैब ड्राइवर था।
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