पीलीभीत: सुलझा विवाद, अब अमखेड़ा गांव से नहीं निकलेंगे ताजिए
बरखेड़ा (पीलीभीत) अमृत विचार। ताजिए को लेकर नई पंरपरा डालने की कोशिश का आरोप लगाते हुए अमखेड़ा गांव से शुरू हुआ विवाद आखिर थम गया। जिसके बाद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। पूर्व में ताजिये से जुड़ा कोई रिकार्ड न मिलने पर मामले का निस्तारण हो सका। अब अमखेड़ा से ताजिए नहीं …
बरखेड़ा (पीलीभीत) अमृत विचार। ताजिए को लेकर नई पंरपरा डालने की कोशिश का आरोप लगाते हुए अमखेड़ा गांव से शुरू हुआ विवाद आखिर थम गया। जिसके बाद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। पूर्व में ताजिये से जुड़ा कोई रिकार्ड न मिलने पर मामले का निस्तारण हो सका। अब अमखेड़ा से ताजिए नहीं निकलेंगे। उधर, दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता भी हो गया है।
बरखेड़ा क्षेत्र के अमखेड़ा गांव से ताजिये को लेकर विवाद की स्थिति बन गई थी। यहां पर बड़ा ताजिया तैयार किया जा रहा था। जिसका पता लगते ही एक पक्ष के लोगों का कहना था कि गांव से ताजिये नहीं उठते हैं। अमखेड़ा गांव से दौलतपुर जाने के लिए कोई रास्ता भी नहीं है। नई परंपरा डालने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए शिकायत कर दी थी। उधर, दूसरे पक्ष का कहना था कि 2019 में ताजिये निकाले गए थे। यह दावा कर दिया था कि उनके पास इसका वीडियो भी है।
दोनों पक्षों के बीच बन रही तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने को दोनों ओर से 15-15 लोगों को 50 हजार रुपये से मुचलका पाबंद कर दिया था। एक दिन पहले एसडीएम बीसलपुर ऋषिकांत राजवंशी, सीओ प्रशांत सिंह ने दोनों पक्षों से बात की थी। मगर, हल नहीं निकला था। फिर एडीएम-एएसपी भी गांव पहुंचे थे। अधिकारियों के निर्देश पर विवाद का समाधान करने के लिए पुलिस ने पांच साल के रिकार्ड चेक किए। थाने का त्योहार रजिस्टर भी खंगाला।
इसमें कहीं भी अमखेड़ा गांव से ताजिये निकाले जाने का जिक्र नहीं था। कभी ताजिए के लिए पुलिस बल की ड्यूटी भी वहां नहीं लगाई गई थी। ऐसे में इसे पंरपरागत नहीं माना गया। दोनों पक्षों से अलग-अलग अधिकारियों ने बात की। उसके बाद समाधान हो गया। दोनों पक्षों के बीच भी लिखित समझौता हो गया है। जिसके चलते अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
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