स्मारकों की बेहतर निगरानी के लिए संस्कृति मंत्रालय गूगल के साथ करेगा साझेदारी 

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी पर भरोसा करते हुए संस्कृति मंत्रालय ने 3,600 से अधिक केंद्र-संरक्षित स्मारक स्थलों की बेहतर निगरानी के लिए इनकी डिजिटल रूप से ‘मैपिंग’ करने की योजना बनायी है। इससे स्मारकों की सुरक्षा को मजबूती मिलने के साथ ही अतिक्रमण को रोकने में भी मदद मिलेगी। केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी …

नई दिल्ली। अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी पर भरोसा करते हुए संस्कृति मंत्रालय ने 3,600 से अधिक केंद्र-संरक्षित स्मारक स्थलों की बेहतर निगरानी के लिए इनकी डिजिटल रूप से ‘मैपिंग’ करने की योजना बनायी है। इससे स्मारकों की सुरक्षा को मजबूती मिलने के साथ ही अतिक्रमण को रोकने में भी मदद मिलेगी। केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी का कहना है कि इस कार्य में गूगल सरकार की मदद कर सकता है और मंत्रालय और दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी के बीच बातचीत चल रही है।

भारत में कुल 3,693 विरासत स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के तहत संरक्षित हैं जो मंत्रालय के दायरे में आते हैं। संस्कृति मंत्रालय और गूगल के बीच एक दशक से चली आ रही साझेदारी को जारी रखते हुए ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत शुक्रवार रात यहां सुंदर नर्सरी में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘इंडिया की उड़ान’ नामक परियोजना का अनावरण किया गया।

कार्यक्रम के दौरान रेड्डी ने कहा कि गूगल 3,600 से अधिक केंद्र-संरक्षित स्मारक स्थलों की ‘डिजिटल मैपिंग’ करने में मंत्रालय की सहायता कर सकता है, जिससे स्मारकों की बेहतर निगरानी के साथ ही किसी तरह के अतिक्रमण को रोकने में भी मदद मिलेगी। बाद में कार्यक्रम के इतर पीटीआई-भाषा से बातचीत में केंद्रीय संस्कृति मंत्री ने कहा, ‘‘स्थलों की निगरानी के लिए बहुत अधिक मानव संसाधन की आवश्यकता होती है।

इसलिए, हम सुरक्षा उद्देश्यों के साथ ही अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रौद्योगिकी के माध्यम से आसानी से स्थलों का नक्शा बना सकते हैं।’’ रेड्डी ने कहा कि मंत्रालय की इच्छा यह है कि वह इन स्थलों की निगरानी नयी दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय से कर सके।

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