उन्नाव : थाईलैंड में गीतों का जलवा बिखेरेंगे उन्नाव के स्वयं, डॉ. कुमार विश्वास संग साझा करेंगे मंच
उन्नाव, अमृत विचार। मुश्किल थी संभलना ही पड़ा घर के वास्ते, फिर घर से निकलना ही पड़ा घर के वास्ते,मजबुरियों का नाम हमने शौक रख दिया, हर शौक बदलना ही पड़ा घर के वास्ते। सोशल मीडिया पर काफी चर्चित व वायरल ये पंक्तियां लिखने वाले स्वयं श्रीवास्तव थाईलैंड में अपने गीतों का जादू बिखेरेंगे। आटा …
उन्नाव, अमृत विचार। मुश्किल थी संभलना ही पड़ा घर के वास्ते, फिर घर से निकलना ही पड़ा घर के वास्ते,मजबुरियों का नाम हमने शौक रख दिया, हर शौक बदलना ही पड़ा घर के वास्ते। सोशल मीडिया पर काफी चर्चित व वायरल ये पंक्तियां लिखने वाले स्वयं श्रीवास्तव थाईलैंड में अपने गीतों का जादू बिखेरेंगे।
आटा बंथर के रहने वाले स्वयं पिछले छह साल में काव्य जगत में प्रदेश ही नहीं बल्कि देश भर अपने नाम सिक्का जमाया है। इस साहित्यिक सफर में उन्होंने अपने मुक्तकों व गीतों से युवाओं का अपनी ओर मुखातिब किया है। आम बोल चाल की भाषा में लिखने वाले उनके गीत लोगों को काफी पसंद आ रहें हैं। उनके गीतों में नववधु, डाकिया, दीवाली, अनारकली, दो गुलाबी पांव पानी में व अयोध्या काफी चर्चित हैं।
अब उन्हें अपने प्रतिभा का जौहर दिखाने का थाईलैंड में डॉ कुमार विश्वास के साथ 12 अगस्त को डिजिटल खिड़की व इंडोथाई न्यूज के संयुक्त तत्ववाधान में आयोजित होने वाले कवि सममेलन में मौका मिला है। वह अपनी काव्य यात्रा की इस सफलता के पीछे ईश्वर व अपनी मां का आर्शीवाद बताते हैं। उन्होनें बताया कि उनकी सफलता में कुमार विश्वास और सोशल मीडिया का योगदान है। मंचो पर पहुंचाने में अभ्युदय सेवा संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका है।
स्वयं की इस उपलब्धि पर डॉ प्रभात सिन्हा, अनिरूद्व सौरभ, डॉ मनोज श्रीवास्तव, प्रवीण मिश्रा भानू, विमल द्विवेदी सर्वेश सिंह,गणेश सिंह, दीपक श्रीवास्तव व अन्य शुभचिंतको ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
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