अयोध्या : अयोध्या की सप्तसागर कॉलोनी अब तालाब घोषित, हटाए जाएंगे कब्जे
अयोध्या, अमृत विचार। सूबे की सरकार जिस रामनगरी में अरबों के विकास की गंगा बहा रही है वहां स्थित पौराणिक सप्तसागर में अवैध कब्जा कर बनाई गई कथित सप्त सागर कालोनी अब तालाब घोषित कर दी गई है। इसे लेकर अब कालोनी के निवासियों में हड़कंप मच गया है। तहसील प्रशासन ने यहां बसे लोगों …
अयोध्या, अमृत विचार। सूबे की सरकार जिस रामनगरी में अरबों के विकास की गंगा बहा रही है वहां स्थित पौराणिक सप्तसागर में अवैध कब्जा कर बनाई गई कथित सप्त सागर कालोनी अब तालाब घोषित कर दी गई है। इसे लेकर अब कालोनी के निवासियों में हड़कंप मच गया है। तहसील प्रशासन ने यहां बसे लोगों को बेदखल किए जाने की तैयारी शुरू कर दी है।
भू – माफिया और राजस्व विभाग में गठजोड़ का खेल केवल फैजाबाद नगर में ही नहीं चला। रामनगरी में भी जमीनों की लूट जमकर चली। यहां तक कि भू-माफिया ने अयोध्या के पौराणिक सप्तसागर तक को नहीं छोड़ा। यहां भी अवैध रूप से कब्जा कर कॉलोनी विकसित कर ली गई। एक शिकायत पर जब शनिवार को जिला प्रशासन की ओर से मौके और अभिलेखों की जांच कराई गई तो राजस्व अभिलेख में इस भूमि को तालाब के रुप में दर्ज पाया गया, जिसके बाद तहसील प्रशासन के भी होश फाख्ता हो गए।
तहसीलदार सदर राज कुमार पांडेय ने रविवार को बताया कि सप्तसागर के खतौनी में तालाब दर्ज है। उन्होंने बताया कि करीब दो एकड़ का क्षेत्र है जहां आबादी विकसित हो गई है। अब वहां बसे लोगों को बेदखल किए जाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले नोटिस भेजी जायेगी यदि स्वत: नहीं हटते तो वैधानिक ढंग से हटाया जायेगा। तहसीलदार यह नहीं बता सके कि सप्तसागर तालाब की भूमि पर कैसे और कब आबादी बसी। हालांकि उन्होंने कहा कि यहां कि भूमि की प्लाटिंग किसने कराई और कैसे बेची इसकी जांच भी होगी।
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