चंपावत: नौ मिनट तक चली ऐतिहासिक बग्वाल, 30 घायल, मां बाराही के दर्शनों के लिए लगी कतार

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चंपावत, अमृत विचार। रक्षाबंधन पर्व पर शुक्रवार को जनपद चम्पावत के देवीधुरा स्थित मां बाराही मंदिर में सुप्रसिद्ध बग्वाल युद्ध का आयोजन किया गया। लगभग नौ मिनट तक चले इस युद्ध में 30 लोग घायल हुए। इस बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बग्वाल के साक्षी बने। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसिद्ध …

चंपावत, अमृत विचार। रक्षाबंधन पर्व पर शुक्रवार को जनपद चम्पावत के देवीधुरा स्थित मां बाराही मंदिर में सुप्रसिद्ध बग्वाल युद्ध का आयोजन किया गया। लगभग नौ मिनट तक चले इस युद्ध में 30 लोग घायल हुए। इस बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बग्वाल के साक्षी बने।

मां बाराही के दर्शनों के लिए लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतार।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसिद्ध बग्वाल मेले में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री धामी ने मां बाराही मंदिर में विधि विधान से पूजार्चना कर राज्य की खुशहाली की कामना की एवं मां बाराही धाम में चार खाम सात थोक के बीच खेले जाने वाले प्रसिद्ध पाषाण युद्ध के साक्षी बने। इस अवसर पर उन्होंने देवीधुरा में पुलिस चौकी के निर्माण की घोषणा की।

लाखों की संख्या में आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2021 को बग्वाल को राजकीय मेला घोषित किया गया था। कोरोना काल में दो साल से प्रतीकात्मक बग्वाल आयोजित की जा रही थी लेकिन इस बार धार्मिक कार्यक्रम के अलावा सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि कुमाऊं के प्राचीन मंदिरों के विकास के लिये मानसखंड मंदिर माला मिशन की शुरूआत की गई है। इस मिशन के तहत मां वाराही धाम देवीधूरा को भी जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की देखरेख में केदारनाथ मंदिर का भव्य एवं दिव्य निर्माण कार्य हुआ है। साथ ही बद्रीनाथ धाम का निर्माण कार्य भी तेजी से किया जाएगा। चार धाम यात्रा में इस साल रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु आ रहे हैं। उन्होंने कहा ऑल वेदर रोड के निर्माण कार्य से पर्यटक एवं श्रद्धालुओं का सफर सुगम एवं सुरक्षित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड 25 वें राज्य स्थापना दिवस पर देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बने।

इससे पूर्व देवीधुरा के खोलीखांण दुबाचौड़ा मैदान में विश्व प्रसिद्ध बग्वाल (पाषाण युद्ध) खेला गया। मंदिर के पंडित कीर्ति वल्लभ जोशी और भुवन चंद्र जोशी की शंख ध्वनि के साथ अपराहन 1.51 से अपराह्न 2 बजे तक बग्वाल खेली गई। चंवर झूलाकर बग्वाल समाप्त होने का संकेत किया। बग्वाल पर विराम लगने के बाद चारों खामों के योद्धाओं ने गले मिल कुशलक्षेम पूछी। सकुशल वापसी के लिए मां के सम्मुख शीश नवाया। मेले में बग्वाली वीर और दर्शक घायल हुए। घायलों का चिकित्सा शिविर में डॉक्टरों की टीम ने इलाज किया।

इस अवसर पर सांसद अजय टमटा, वन विकास निगम अध्यक्ष कैलाश चन्द्र गहतोड़ी, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, विधायक लोहाघाट खुशाल सिंह अधिकारी, भीमताल के विधायक राम सिंह कैड़ा, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व सांसद महेंद्र पाल, पूर्व दर्जा मंत्री हयात सिंह माहरा, ब्लॉक प्रमुख पाटी सुमन लता, बाराकोट की विनीता फर्त्याल, चम्पावत की रेखा देवी, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी आरएस रावत, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, पाटी के एसडीएम मनीष बिष्ट, मंदिर समिति के संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, अध्यक्ष खीम सिंह लमगड़िया, खाम प्रमुख त्रिलोक सिंह बिष्ट, गंगा सिंह चम्याल, बद्री सिंह बिष्ट, वीरेंद्र सिंह लमगड़िया एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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