गजबः चारवाहे पर भालू ने किया हमला, खूंखार भालू से भिड़कर भैंसों ने बचायी अपने मलिक जान
पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में जंगल से जुडी एक विचित्र घटना प्रकाश में आई है, जहां जंगल में अपनी भैंसों को चरा रहे चरवाहे के ऊपर भालू ने अचानक जब प्राण घातक हमला किया, तो वहीं पास चर रही भैंसें अपने मालिक को खतरे में देख उस खूंखार भालू से भिड़ गईं जिससे चरवाहे …
पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में जंगल से जुडी एक विचित्र घटना प्रकाश में आई है, जहां जंगल में अपनी भैंसों को चरा रहे चरवाहे के ऊपर भालू ने अचानक जब प्राण घातक हमला किया, तो वहीं पास चर रही भैंसें अपने मालिक को खतरे में देख उस खूंखार भालू से भिड़ गईं जिससे चरवाहे की जान बच गयी। गंभीर रूप से घायल हो चुके चरवाहे को पन्ना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
उत्तर वन मण्डल पन्ना अंतर्गत झलाई बीट में दो दिन पूर्व भालू के हमले में घायल हुए चरवाहे रणधीर सिंह यादव (60) निवासी झलाई के पेट, हाथ और कूल्हे में गहरे जख्म हैं। चरवाहे के भतीजे राजेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि उनका मुख्य व्यवसाय पशुपालन है। उनकी भैंसें रोज जमुनिहा हार में चरने जाती हैं। मंगलवार की शाम जब भालू ने अचानक हमला किया तो वहीं पास में 15-20 भैंसें चर रही थीं। भालू जब रणधीर सिंह यादव पर पंजे से हमला कर रहा था, उसी समय भैंसें दौड़ कर आईं और हमलावर भालू से भिड़ गईं।
जबर्दस्त संघर्ष करते हुए भैंसों ने भालू को खदेड़ दिया। रणधीर सिंह के चिल्लाने की आवाज सुनकर आस-पास के लोग घटना स्थल पर पहुंच गए और खून से लथपथ चरवाहे को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय पन्ना में भर्ती कराया, जहां उपचार जारी है। ग्रामीणों के मुताबिक भैंसों के कारण रणधीर सिंह की जान बच गई अन्यथा बच पाना मुश्किल था। वनकर्मियों का कहना है कि इस वन क्षेत्र में बच्चों वाली मादा भालू की मौजूदगी रहती है।
घटना दिनांक को वह बच्चों के साथ वहां से गुजर रही थी, फलस्वरुप उसका सामना चरवाहे रणधीर सिंह यादव से हो गया। वह अपने बच्चों की सुरक्षा के खातिर चरवाहे पर हमला बोल दिया होगा, जिससे वह घायल हुआ है। जानकारों के अनुसार बच्चों वाली मादा भालू बेहद आक्रामक और स्वभाव से खतरनाक होती है। आसपास खतरे को भांपकर वह हमलावर हो जाती है। ऐसा वह अपने बच्चों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए करती है।
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