कांग्रेस का क्या होगा ?
कांग्रेस का अब क्या होने वाला है? दिल्ली चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में आलाकमान के खिलाफ नाराजगी बढ़ गई है। दिल्ली कांग्रेस के बड़े नेता संदीप दीक्षित ने कहा है कि इतने समय बाद भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नया अध्यक्ष नियुक्त नहीं कर सके। दीक्षित के इस बयान का शशि थरूर ने …
कांग्रेस का अब क्या होने वाला है? दिल्ली चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में आलाकमान के खिलाफ नाराजगी बढ़ गई है। दिल्ली कांग्रेस के बड़े नेता संदीप दीक्षित ने कहा है कि इतने समय बाद भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नया अध्यक्ष नियुक्त नहीं कर सके। दीक्षित के इस बयान का शशि थरूर ने भी समर्थन किया है। पहले तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ही भारत को कांग्रेस मुक्त बनाने का नारा देते थे। अब दिल्ली में जिस तरह से दूसरी बार कांग्रेस का सूपड़ा साफ हुआ है, उससे फिर सवाल उठा है कि इस कांग्रेस का आखिर होगा क्या?
सबसे पुरानी पार्टी और दिल्ली में लगातार पंद्रह वर्ष राज करने वाली पार्टी को एक भी सीट न मिलने पर सवाल तो उठेंगे ही। लोकसभा चुनाव में दिल्ली से कोई सीट भले ही न मिली हो लेकिन वोट प्रतिशत तो बढ़ा था। इस बार तो भाजपा की तरह खुश होने को वोट प्रतिशत भी नहीं बढ़ा। धरातल या रसातल में मिल गई कांग्रेस। दिल्ली का रोना क्या रोना मध्यप्रदेश में क्या हो रहा है? अपने राज में खुद ज्योदिरादित्य सिंधिया क्या क्या कह रहे हैं? अगर संकल्प पत्र पर मुख्यमंत्री कमलनाथ खरे नहीं उतरे तो वे सड़कों पर उतरेंगे।
कमलनाथ ने मनाने की कोई कोशिश न कर कह दिया कि उतर जाओ मेरी बला से। जैसे किसी विरोधी नेता को जवाब दिया हो। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट में भी कोई मधुर संबंध नहीं। ये वे राज्य हैं जिन्हें जीतने के बाद कांग्रेस की वापसी की उम्मीदें बढ़ गईं थीं। हरियाणा में प्रदेश अध्यक्ष पद से हटते ही अशोक तंवर उग्र हो उठे और सोनिया गांधी के दिल्ली स्थित आवास पर प्रदर्शन किया। ऐसा तो पहले कभी किसी अध्यक्ष ने नहीं किया। फिर त्यागपत्र दे दिया।
पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह और क्रिकेटर नवजोत सिद्धू आमने-सामने तलवारें लिए खड़े हैं। इनकी पत्नी नवजोत कांग्रेस छोड़ चुकी हैं और क्रिकेटर कोप भवन में पड़े हैं। हो सकता है बाबू लाल मरांडी की तरह भाजपा में घर वापसी ही कर लें। क्या कहा जा सकता है? इन सब बातों और घटनाक्रम को देखकर पूछा जा सकता है कि कांग्रेस का क्या होने वाला है? आप की सफलता की खुशी कांग्रेस मनाने लगी तो शर्मिष्ठा ने पूछ ही लिया कि क्या भाजपा को हराने का ठेका आपने प्रदेश स्तरीय दलों को दे दिया क्या ?
