हल्द्वानी: बीवी के जेवर से खरीदी स्मैक, राजमिस्त्री बनना चाहता था अमीर
हल्द्वानी, अमृत विचार। मेहनतकश इंसान दिहाड़ी से अपने बीवी-बच्चों का पेट पाल रहा था, लेकिन स्मैक के काले कारोबार से होने वाले मोटे मुनाफे ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पहले वो परिवार का पेट भरने के बाद दिहाड़ी से कुछ रुपए भी बचा था, लेकिन लालच ने उसे न सिर्फ जेल पहुंचाया बल्कि …
हल्द्वानी, अमृत विचार। मेहनतकश इंसान दिहाड़ी से अपने बीवी-बच्चों का पेट पाल रहा था, लेकिन स्मैक के काले कारोबार से होने वाले मोटे मुनाफे ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पहले वो परिवार का पेट भरने के बाद दिहाड़ी से कुछ रुपए भी बचा था, लेकिन लालच ने उसे न सिर्फ जेल पहुंचाया बल्कि कंगाल के साथ कई लोगों का कर्जदार भी बना दिया।
हम बात कर रहे हैं उस राजमिस्त्री शिवकुमार की, जिसे बीते शुक्रवार को पुलिस ने करीब 35 लाख रुपए की स्मैक के साथ पकड़ा। शिवकुमार के साथ उसका राजमिस्त्री दोस्त असरफी लाल भी पकड़ा गया। असरफी चमरोहा मीरगंज बरेली और शिवकुमार नूरपुर दातागंज बदायूं उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। दोनों साथ काम करते हैं और शुक्रवार को पुलिस ने इन्हें तीनपानी गौलापुल के पास गिरफ्तार किया।
मामले में एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि राजमिस्त्री का काम करने वाले शिव कुमार ने पहले 10 ग्राम स्मैक बरेली से खरीदी और उसे बेच दी। उसे तीन गुना मुनाफा हुआ, जिसके बाद वह 5-10 ग्राम स्मैक की खेप और लाया और मोटे मुनाफे में बेच भी दिया। उसके मन में लालच आया और इस बार उसने पश्चिमी फतेहगंज के स्मैक तस्कर फईम अंसारी से बड़ी खेप का सौदा दिया। साढ़े तीन सौ ग्राम स्मैक के लिए उसे 17 लाख रुपए फईम को देने थे। इसके लिए उसने अपनी पत्नी के जेवर गिरवी रख दिए। दोस्तों और रिश्तेदारों से कर्ज लेकर फईम से स्मैक खरीद ली। 17 लाख की स्मैक बेचने में अगर शिवकुमार कामयाब हो जाता तो उसे कम से कम 50 लाख रुपए मिलते, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। शिव कुमार अपने साथी के साथ जेल में हैं, जेवर गिरवी हैं और सिर पर कइयों का कर्ज लद चुका है।
पांच सौ की पुड़िया पहाड़ पर एक हजार की
हल्द्वानी में स्मैक की एक पुड़िया औसतन पांच सौ रुपए में मिल जाती है और यही स्मैक की पुड़िया बरेली में दो सौ रुपए की मिल जाती है। यानी दो सौ की पुड़िया हल्द्वानी में बेच कर तस्कर तीन सौ कमा रहे हैं और बरेली में मिलने वाली इसी पुड़िया को अगर अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ पहुंचा दिया जाए तो दो सौ वाली पुड़िया के दाम हजार रुपए तक मिल जाते हैं और यही लालच लोगों को स्मैक के काले कारोबार में धकेल रहा है।
