कोरोना की गिरफ्त में
चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस का कहर लगातार सीमाएं पार कर रहा है। कोरोना का कहर अब चौतरफा दिख रहा है। कोरोना ने अब दक्षिण कोरिया और जापान को भी अपनी चपेट में ले लिया है। चिंताएं वैश्विक स्तर पर व्यापार समेत अन्य चीजों को लेकर भी बढ़ रही हैं। मगर इस …
चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस का कहर लगातार सीमाएं पार कर रहा है। कोरोना का कहर अब चौतरफा दिख रहा है। कोरोना ने अब दक्षिण कोरिया और जापान को भी अपनी चपेट में ले लिया है। चिंताएं वैश्विक स्तर पर व्यापार समेत अन्य चीजों को लेकर भी बढ़ रही हैं। मगर इस सबके बीच जरूरत सबसे पहले स्वास्थ्य को लेकर बात करने की है। संक्रमण फैला है तो उसका असर दिखना लाजिमी है, मगर ध्यान अब और अधिक गंभीरता से कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने पर होना चाहिए।
चिंताजनक बात यह है कि तमाम वैश्विक प्रयासों के बावजूद कोरोना संक्रमण और इससे जान जाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दक्षिण कोरिया में कोरोना से 13 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना के खतरे को देखते हुए अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेना ने अपना संयुक्त अभ्यास स्थगित कर दिया है। कोरोना संकट के मद्देनजर सऊदी अरब ने हज यात्रा से पहले मक्का और काबा की यात्रा पर रोक लगा दी है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस संक्रमण के असर की आशंका के कारण वैश्विक स्तर पर जारी बिकवाली के बीच शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 1,100 अंक से अधिक की गिरावट के चलते कुछ ही देर में निवेशकों के पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब गए। एशियाई बाजारों में चीन के शंघाई कंपोजिट, हांगकांग के हैंगसेंग, दक्षिण कोरिया के कोस्पी और जापान के निक्की में चार प्रतिशत तक की गिरावट चल रही थी। अमेरिका का डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज बृहस्पतिवार को 1,190.95 अंक गिरकर बंद हुआ था। यह डाउ जोन्स के इतिहास में सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट है।
कोरोना वायरस के संक्रमण से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़े असर की वजह से वैश्विक शेयर बाजारों में 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के बाद की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। भारत को इस मामले में अब और ज्यादा संवेदनशील होने की जरूरत है। कोरोना के चलते आयात-निर्यात में भले ही उसे नुकसान उठाना पड़े, मगर पहली कोशिश किसी भी सूरत में कोरोना वासरस को यहां रोकने की होनी चाहिए। हालांकि इस खतरे के चलते भारत ने दक्षिण कोरिया और जापान के लोगों के लिए वीजा ऑन अराइवल तक बंद कर दिया है। मगर जरूरत इससे भी आगे बढ़कर बहुत कुछ करने की है।
