लॉकडाउन की सफलता

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Edited By Amrit Vichar
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को हिदायत दी है कि लोगों के लिए जरूरी चीजों का अभाव नहीं होना चाहिए। जाहिर है लॉकडाउन की इस अवधि में सबसे बड़ी समस्या आवश्यक वस्तुओं के इंतजाम की है, तभी लॉकडाउन सफल हो सकता है। भारत में सोशल डिस्टेंस करवाना बहुत बड़ी समस्या …

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को हिदायत दी है कि लोगों के लिए जरूरी चीजों का अभाव नहीं होना चाहिए। जाहिर है लॉकडाउन की इस अवधि में सबसे बड़ी समस्या आवश्यक वस्तुओं के इंतजाम की है, तभी लॉकडाउन सफल हो सकता है। भारत में सोशल डिस्टेंस करवाना बहुत बड़ी समस्या है। अभी भी किसी न किसी तरह लोग अपने लिए आवश्यक वस्तुओं का इंतजाम करने में लगे हैं।

लॉकडाउन के बाद अगर जरूरी चीजों की सप्लाई की सही व्यवस्था नहीं की जा सकी तो लोग एक दूसरे से मिलने व समस्याओं को हल करने को जोड़तोड़ लगाएंगे ही। ऐसे में भारत के लाखों गांवों में लॉकडाउन का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। वहां लोगों को एक दूसरे से मिलने से कैसे रोका जाएगा? कस्बों में कैसे रोका जाएगा? यदि इन इलाकों में दो चार कोरोना संक्रमित लोग पहुंच गए होंगे तो क्या होगा? शहरों की हर गली कूचे में लोगों को आपस में मिलने-जुलने से कैसे रोका जाएगा? एक बड़ी समस्या कम पढ़े लिखे लोगों में कोरोना के प्रति जागरूकता का नहीं होना भी है। सरकार की तरफ से जाहिर है ऐसी व्यवस्था करनी होगी कि आवश्यक चीजों की सप्लाई के साथ ही लॉक डाउन की प्रक्रिया का उल्लंघन न हो।

उधर जनता कर्फ्यू से पहले माल लेकर चले ट्रक लाखों की तादाद में जगह-जगह खड़े हैं, जिनमें रोजमर्रा की जरूरत के तमाम सामान के साथ काफी मात्रा में में दवाइयां और सैनिटाइजर भी भरा हुआ है। कहा जा रहा है पूर्ण लॉकडाउन के दौरान भी राशन, दूध, सब्जी, फल आदि मूलभूत जरूरत की चीजों की उपलब्धता बनी रहेगी।

लेकिन स्पष्ट नहीं किया गया है कि ट्रांसपोर्ट कंपनियां बाहर से आए इन ट्रकों को खाली कराकर शहर में माल डिलीवर करने का काम कर सकती हैं अथवा नहीं। जबकि एक निश्चित तिथि तक लोड होकर निकल चुके वाहनों को अपने गंतव्य स्थान तक जाकर माल उतारने की छूट मिलनी चाहिए। जब होल सेलर और डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास भी माल नहीं होगा तो आने वाले समय में एक निश्चित समय तक खुलने वाली दुकानों पर सामान कैसे पहुंचेगा?

उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रधानमंत्री ने कैबिनेट बैठक में इस दिशा में जो भी कदम उठाए हों उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। लॉक डाउन और स्वास्थ्य आपात की इस स्थिति में राज्य सरकारों की बड़ी भूमिका है जो केंद्र के साथ समन्वय कर इस महामारी से बचाव के लिए तत्परता के साथ काम करें। यह वक्त देश ही नहीं पूरी दुनिया के लिए पहले मानवता को बचाने और फिर अन्य चीजों के बारे में विचार करने का है।