मन की अपील

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Edited By Amrit Vichar
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कोरोना के खिलाफ लड़ा जा रहा युद्ध अभूतपूर्व भी है और चुनौतीपूर्ण भी। इस दौरान सरकार की ओर से लिए जा रहे फैसले भी ऐसे हैं, जो दुनिया के इतिहास में कभी देखने और सुनने को नहीं मिले। आज गरीबों के प्रति हमारी संवेदनाएं और अधिक तीव्र होनी चाहिए। हमारी मानवता का वास इस बात …

कोरोना के खिलाफ लड़ा जा रहा युद्ध अभूतपूर्व भी है और चुनौतीपूर्ण भी। इस दौरान सरकार की ओर से लिए जा रहे फैसले भी ऐसे हैं, जो दुनिया के इतिहास में कभी देखने और सुनने को नहीं मिले। आज गरीबों के प्रति हमारी संवेदनाएं और अधिक तीव्र होनी चाहिए। हमारी मानवता का वास इस बात में है कि कहीं पर भी कोई गरीब, दुखी-भूखा नज़र आता है तो इस संकट की घड़ी में हम पहले उसका पेट भरेंगे, उसके जरूरत की चिंता करेंगे और यह हिंदुस्तान कर सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात में जो बातें कहीं उन्हें वास्तव में समझे जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस इंसान को समाप्त करने की जिद करके बैठा है, और इसीलिए पूरी मानवजाति को इस वायरस को खत्म करने के लिए एकजुट होकर संकल्प लेना ही होगा। सही है कि कोरोना के खिलाफ़ लड़ाई के लिए, महाबंदी के अलावा कोई रास्ता नहीं था।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई, जीवन और मृत्य के बीच की लड़ाई है और इस लड़ाई में हमें जीतना है और इसीलिए यह कठोर कदम उठाने बहुत आवश्यक थे।प्रधानमंत्री ने लिए गए कड़े फैसलों की वजह से लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए देशवासियों से माफी भी मांगी।

वैश्विक महामारी कोरोना से आया भयंकर संकट ज्ञान, विज्ञान, गरीब, संपन्न, कमज़ोर, ताकतवर हर किसी को चुनौती दे रहा है। यह न तो राष्ट्र की सीमाओं में बंधा है, न ही यह कोई क्षेत्र देखता है और न ही कोई मौसम। प्रधानमंत्री का कहना उचित है कि लॉकडाउन का नियम तोड़ेंगे तो कोरोना वायरस से बचना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने अपील की है कि आपको अपने को बचाना है, अपने परिवार को बचाना है। आने वाले कई दिनों तक इसी तरह धैर्य दिखाना ही है, लक्ष्मण-रेखा का पालन करना ही है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कोरोना संक्रमित लोगों से बात करके संदेश दिया कि उन जैसे तमाम साथियों के हौसले और जज्बे के कारण ही देश इतनी बड़ी लड़ाई लड़ पा रहा है। उन्होंने आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी आसान बनाने में जुटे डिलीवरी मैन, दुकानदारों, बैंकिंग सेवा से जुटे लोगों का आभार भी जताया। कोरोना वायरस से लड़ने का सबसे कारगर तरीका सोशल डिस्टेंसिंग है, लेकिन समझना होगा कि सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब सामाजिक संबंध खत्म करना नहीं है।

वास्तव में, यह समय अपने सभी पुराने सामाजिक रिश्तों में नई जान फूंकने का है। यानी मुश्किल की इस घड़ी में आपको मुश्किल से एक ऐसा पल मिला है जिसमें आपको न केवल, अपने आप से जुड़ने का मौका मिलेगा, बल्कि आप अपने शौक से भी जुड़ पाएंगे।