लड़ाई अभी बाकी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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यह लड़ाई मानवता को बचाने की है और इसके लिए प्रयास भी मनुष्य को ही करना है, क्योंकि कोरोना वायरस के खिलाफ अभी कोई टीका नहीं बनाया जा सका है। ऐसे वक्त में विषाणु संक्रमण को फैलने से तभी रोका जा सकता है जब संक्रमित व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में न आए। और …

यह लड़ाई मानवता को बचाने की है और इसके लिए प्रयास भी मनुष्य को ही करना है, क्योंकि कोरोना वायरस के खिलाफ अभी कोई टीका नहीं बनाया जा सका है। ऐसे वक्त में विषाणु संक्रमण को फैलने से तभी रोका जा सकता है जब संक्रमित व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में न आए। और ऐसा करने के लिए जरूरी है लोगों का अपने घरों में ही रुके रहना और संक्रमित व्यक्तियों काे अलग कर उनका इलाज।

कोरोना संक्रमण के बाद से अब तक हमारे देश में पिछले एक सप्ताह में जिस तरह कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी है उससे कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अभी और कड़े कदम उठाया जाना जरूरी था। और जैसा कि संभावना जताई जा रही थी, इस लड़ाई को जारी रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश में लॉकडाउन की अवधि तीन मई तक बढ़ाने का निर्णय देशवासियों को सुना दिया।

लोग अनुमान लगा रहे थे कि लॉकडाउन शायद 30 अप्रैल तक रहेगा और उसके बाद इसमें ढील दी जाएगी। मगर प्रधानमंत्री ने तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का निर्णय शायद इसलिए लिया है क्योंकि एक मई को सार्वजनिक अवकाश है, उसके बाद शनिवार और फिर रविवार। यानी तीन दिन अवकाश की स्थिति, जाहिर है ऐसे में अगर लॉकडाउन खोला जाता तो लोग यहां-वहां ज्यादा आते-जाते।

यह निर्णय ठीक भी है क्योंकि करीब 40 दिन के लॉकडाउन का फायदा तभी है जब लॉकडाउन खुलने के बाद हालात नियंत्रित रहें और लोग सोशल डिस्टेंसिंग तोड़कर समूह में यहां-वहां इकट्ठा होकर सारी मेहनत पर पानी न फेर दें। हालांकि लॉकडाउन की स्थिति में अब तक देश के लोगों ने जिस संयम का परिचय दिया है उससे कोरोना के खिलाफ लड़ाई में काफी सहायता मिली है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा भी कि देशवासियों ने लॉकडाउन की अवधि में तमाम कष्ट सहते हुए खुद को घरों में रखा है और जो लोग घर से बाहर फंसे हैं, उन्होंने भी इसमें साथ दिया है। अब जबकि 15 अप्रैल से 18 दिन लोगों को और लॉकडाउन की अवधि का पालन करना है तो उम्मीद की जानी चाहिए कि इस अवधि में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आएगी और स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण की ओर बढ़ेगी।

प्रधानमंत्री ने जान और जहान दोनों की बातें ध्यान में रखते हुए यह भी कहा है कि जिन स्थानों पर कोरोना हॉटस्पॉट जैसी स्थिति नहीं होगी और जो जिले या स्थान कोरोना से मुक्त हैं वहां धीरे-धीरे कुछ ढील दी जाएगी। मगर इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि लॉकडाउन ढील का लोग गलत फायदा उठाएं। देशवासियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि लॉकडाउन के आने वाले दिन भी वह इस जंग में सरकार के साथ खड़े रहें और सरकार के अब तक के उपायों के साथ चलते हुए कोरोना महामारी को समाप्त करने में सहयोग करें।