रास्ता बहुत लंबा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कोरोना के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अभी हमें बहुत लंबा रास्ता तय करना है। महत्वपूर्ण बात यह है कि आगे की राह अभी और कठिन है क्योंकि जिस तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले लाकडाउन के बावजूद बढ़ रहे हैं, वह चिंताजनक है। लाकडाउन के चलते यह हालात हैं तो लाकडाउन खुलने की स्थिति में …

कोरोना के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अभी हमें बहुत लंबा रास्ता तय करना है। महत्वपूर्ण बात यह है कि आगे की राह अभी और कठिन है क्योंकि जिस तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले लाकडाउन के बावजूद बढ़ रहे हैं, वह चिंताजनक है। लाकडाउन के चलते यह हालात हैं तो लाकडाउन खुलने की स्थिति में तो संक्रमण और बढ़ेगा, यह आशंका तो है ही।

इस संदर्भ में विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक तेद्रोस ऐडरेनॉम ग़ैब्रियेसस ने भी कहा है कि अधिकतर देशों में यह बीमारी अभी आरंभिक चरण में है। कुछ देशों में जहां से यह बीमारी आई थी, वहां इसका प्रकोप बढ़ने की बात चिंताजनक है। कोरोना को लेकर अभी सतर्क रहने की जरूरत है और रास्ता काफी लंबा और कठिन है। गेब्रियेसस ने कहा है कि हमें किसी भी गलतफहमी में नहीं रहना है। उनका यह भी कहना है कि दुनिया की अधिकतर आबादी में कोरोना के संक्रमण का खतरा है, इस बात के पर्याप्त प्रमाण हैं।

दरअसल कुछ देशों में जब कोरोना संक्रमण का खतरा कम हुआ तो वहां लाकडाउन में ढील दे दी गई। चीन के वुहान जहां से वायरस संक्रमण की शुरुआत हुई, वहां पूरी तरह लाकडाउन खुल चुका है। बहरहाल हम भारत की बात करें तो पिछले कुछ दिनों से यह बात देखने में आ रही है कि कई जिलों के संक्रमण मुक्त होने और कई संक्रमित जिलों में नए मामले नहीं आने के बाद हम थोड़ा लापरवाह से हो रहे हैं, जो कि ठीक नहीं है।

हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना महामारी लड़ाई में भारत पर भरोसा जताते हुए कहा है कि देश का निगरानी तंत्र मजबूत है और वह महामारी का मुकाबला कर सकता है। मगर इसका अर्थ यह नहीं होना चाहिए कि लाकडाउन में ऐसी छूट दे दी जाए कि अब तक की सारी मेहनत पर किसी एक लापरवाही से पानी फिर जाए। फिर हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि 1 मार्च के बाद अब तक मरीजों की संख्या में बहुत तेजी से इजाफा हुआ है।

1 मार्च को कोरोना संक्रमण की शुरुआत देश में तीन मरीजों के साथ हुई थी। 10 मार्च को 56, 20 मार्च को 236 मरीज पहुंच गए। इसके बाद से लाकडाउन की भी शुरुआत हुई थी और 10 अप्रैल आते-आते आंकड़ा 671 और 20 अप्रैल तक 17656 पहुंचते हुए अब संक्रमितों की संख्या साढ़े 21 हजार पार कर चुकी है। यह आंकड़ा लाकडाउन के बाद का है। इसी से समझा जा सकता है कि आगे ढील दिए जाने का क्या मतलब होगा। लिहाजा सरकार को इस बारे में अब और अधिक सतर्क रहते हुए निर्णय लिए जाने की आवश्यकता है।