योद्धाओं की रक्षा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पूरी दुनिया जुटी हुई है और इस लड़ाई के सबसे बड़े योद्धा वे स्वास्थ्य कर्मी, डॉक्टर, नर्स, पुलिस कर्मी हैं जो कोरोना संक्रमितों के बीच में जाकर अपनी जान जोखिम में डालकर इस लड़ाई को लड़ रहे हैं। कोरोना संक्रमित के अस्पताल में भर्ती होने पर उनकी देखभाल यही चिकित्सा …

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पूरी दुनिया जुटी हुई है और इस लड़ाई के सबसे बड़े योद्धा वे स्वास्थ्य कर्मी, डॉक्टर, नर्स, पुलिस कर्मी हैं जो कोरोना संक्रमितों के बीच में जाकर अपनी जान जोखिम में डालकर इस लड़ाई को लड़ रहे हैं। कोरोना संक्रमित के अस्पताल में भर्ती होने पर उनकी देखभाल यही चिकित्सा कर्मी कर रहे हैं। अगर कहीं कोरोना संक्रमित पाया जाता है तो इलाके में संक्रमित के घर को सील करने से लेकर कोरोना ग्रसित पाए गए लोगों को क्वारंटाइन करने से लेकर क्वारंटाइन सेंटर की सुरक्षा की भी जिम्मेदारी पुलिस कर्मियों की है और वह भी डेंजर जोन में ड्यूटी कर रहे हैं।

मगर अफसोस इस बात का है कि इन्हीं कोरोना योद्धाओं को तमाम जगहों पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अनेक स्थानों पर कोरोना की जांच करने गए स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले हुए हैं। पंजाब के पटियाला की घटना अभी लोग भूले नहीं हैं, जिसमें पुलिस कांस्टेबल का हाथ काट दिया गया था। तमाम घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने कोरोना योद्धाओं पर हमला करने वालों के खिलाफ कानून पारित किया जिसमें अधिकतम छह साल कैद तक का प्रावधान था।

मगर इस कानून के आने के बाद भी स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिस कर्मियों पर हमले की घटनाओं में कमी नहीं आई। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना योद्धाओं की सुरक्षा के लिए कानून और कड़ा करते हुए नया अध्यादेश लाने का निर्णय लिया है। इस अध्यादेश से महामारी बीमारी कानून में बदलाव कर दंड प्रावधान को और सख्त बनाया जा रहा है। जाहिर है ऐसा कानून बनाकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जी-जान से जुटे स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा हो सकेगी। ऐसे वक्त में जब कोरोना संक्रमण के चलते लोगों में भय का माहौल है, कोरोना योद्धा अपनी जान पर खेलकर काम कर रहे हैं।

ऐसे में इनके ऊपर अगर कहीं हमला होता है तो उनके मनोबल पर क्या असर पड़ेगा? जाहिर है उन पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई ही मनोबल ऊंचा रखने में मदद करेगी और उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसा कर सही कदम उठाया है। इस तरह का अध्यादेश न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि अन्य सरकारों को भी लाना चाहिए ताकि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कोरोना योद्धाओं के साथ खड़ा हुआ जा सके। उम्मीद की जाती है कि नया अध्यादेश लाने के बाद कोरोना योद्धाओं की रक्षा हो सकेगी और उन पर हमले रुकेंगे।